रायपुर , अप्रैल 03 -- छत्तीसगढ़ के रायपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व, माल लदान, यात्री परिवहन और आधारभूत संरचना के विकास में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मंडल रेल प्रबंधक दयानंद ने शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में मंडल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर भारतीय रेल में अपनी सशक्त पहचान बनाई है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में रायपुर मंडल ने 46.44 मिलियन टन माल लदान कर 4983 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो निर्धारित लक्ष्य 46.33 मिलियन टन से अधिक है। यह पिछले वर्ष 44.73 मिलियन टन लदान और 4818 करोड़ रुपये राजस्व की तुलना में लगभग 4 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। मंडल देश के शीर्ष रेल मंडलों में नौवें स्थान पर रहा।

प्रेसवार्ता में बताया गया कि कोयला, स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, खाद्यान्न और उर्वरक जैसे प्रमुख वस्तुओं के परिवहन में वृद्धि से यह उपलब्धि संभव हुई। आधुनिक लोडिंग सिस्टम, डिजिटल पहल और ग्राहक-केंद्रित नीतियों ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

यात्री सेवाओं की बात करें तो मंडल ने 26.6 मिलियन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया और इससे 631.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। यात्री संख्या में 7.30 प्रतिशत और यात्री राजस्व में 3.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के 195 ट्रिप और 12 भारत गौरव ट्रेनों का संचालन किया गया, साथ ही 60 अतिरिक्त कोच जोड़े गए।

गैर-किराया राजस्व के क्षेत्र में भी वृद्धि दर्ज की गई। विविध आय 25.18 करोड़ रुपये, गैर-किराया राजस्व 17.10 करोड़ रुपये और खानपान से आय 3.22 करोड़ रुपये रही। टिकट जांच के दौरान 1.97 लाख मामलों में 11.13 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

मंडल ने यात्री सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत कई स्टेशनों का उन्नयन किया गया, नए एस्केलेटर लगाए गए और फुट ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। अभनपुर-राजिम ब्रॉडगेज लाइन पर यात्री और माल संचालन शुरू किया गया।

रेल मदद सेवा के माध्यम से 17,943 यात्रियों को सहायता प्रदान की गई। शिकायतों के त्वरित समाधान से यात्रियों की संतुष्टि में वृद्धि हुई है। इस उपलब्धि के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को रेल मदद शील्ड भी प्राप्त हुई।

मंडल में सुरक्षा के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन रहा और वर्ष 2025-26 को शून्य ट्रेन दुर्घटना वर्ष के रूप में दर्ज किया गया।

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