रायपुर , अक्टूबर 20 -- छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज साइबर पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में उत्तर प्रदेश से दो अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

इनमें एक आरोपी वरिष्ठ भारतीय प्रशासनक सेवा (आईएएस) अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाने के मामले में शामिल है, जबकि दूसरे पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।

पुलिस से मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार जांच में आरोपियों के इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर देश के अलग-अलग 11 थानों और साइबर सेल में दर्ज शिकायतों का भी पता चला है।

पुलिस के अनुसार, प्रार्थी सुशांत पनका ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस संबंध में राखी थाने में अपराध दर्ज किया गया था, जिसकी जांच रायपुर रेंज साइबर पुलिस थाना को सौंपी गई।

जांच के दौरान फेसबुक,गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी अर्जुन कुमार जाटव (23) की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाने और धोखाधड़ी से जुड़ी गतिविधियों में शामिल था। उसके मोबाइल फोन के तकनीकी विश्लेषण में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के नाम से भी फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इन मामलों में भी वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

दूसरे मामले में प्रार्थी रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में रेंज साइबर थाने में अपराध दर्ज कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और वाट्सऐप से प्राप्त तथ्यों की जांच की गई।

तकनीकी जांच के आधार पर उत्तर प्रदेश के कानपुर निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित (46) की पहचान की गई और उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथी के साथ मिलकर 'दीक्षित एजेंसी' नाम से फर्जी कंपनी के माध्यम से बैंक खाते खुलवाता था। इन खातों में साइबर ठगी की रकम प्राप्त की जाती थी।

पूछताछ के दौरान पुलिस को इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी मिली है। आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के संबंध में देश के 11 अलग-अलग थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

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