रायपुर, 07 फरवरी 2026 ( वार्ता ) रायपुर जिले में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से बाहर होने की आशंका बनी हुई है। जिले के 5.42 लाख मतदाताओं के पास अब 14 फरवरी तक का ही समय शेष है, जिसमें वे अपने नाम से जुड़ी त्रुटियों को सुधार करवा सकते हैं। तय समयसीमा के बाद किसी भी प्रकार का सुधार संभव नहीं होगा, क्योंकि 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, इन 5.42 लाख मतदाताओं में से 4.22 लाख वोटरों के नाम, उम्र, पिता का नाम, लिंग अथवा अन्य व्यक्तिगत विवरणों में गड़बड़ी पाई गई है। वहीं 1.33 लाख मतदाताओं के वर्ष 2003 और 2025 के दस्तावेज आपस में मेल नहीं खा रहे हैं, जिसके कारण उनके नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है।
मतदाताओं तक नोटिस और सूचना पहुंचा दी गई है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग अब तक सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हो रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो राज्यभर में सबसे अधिक नाम कटने का रिकॉर्ड रायपुर जिले में दर्ज हो सकता है। वर्तमान में भी नोटिस जारी करने के मामलों में रायपुर जिला प्रदेश में शीर्ष पर है।
जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में कुल 18.92 लाख मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से शेष मतदाताओं के नामों में कोई विवाद नहीं है और उनका नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल कर लिया गया है। जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि जिन मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है, उनमें महिला मतदाताओं की संख्या अधिक है और विधानसभा क्षेत्रों में महिला वोटरों के नाम ज्यादा कटे हैं।
हालांकि प्रशासन यह स्पष्ट कर चुका है कि अंतिम प्रकाशन के बाद भी नाम जुड़वाने की प्रक्रिया संभव रहेगी, लेकिन इसके लिए अलग प्रक्रिया अपनानी होगी, जिससे मतदाताओं को असुविधा हो सकती है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित