रायपुर , अप्रैल 13 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में राष्ट्र सेविका समिति द्वारा आज आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में महिला शक्ति, अनुशासन और संगठनात्मक एकता का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आई बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम में समिति की प्रमुख संचालिका वी. शांता कुमारी ने मातृत्व की भूमिका पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मातृत्व केवल जन्म देने तक सीमित नहीं है, बल्कि संतानों में संस्कारों का निर्माण, उनका मार्गदर्शन और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, एक सशक्त और जागरूक मां परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने में अहम भूमिका निभाती है।

उन्होंने वर्तमान समय में महिलाओं की भूमिका को व्यापक दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्रत्येक महिला में समाज को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और राष्ट्रभावना को मजबूत करने की क्षमता निहित है। इसके लिए महिलाओं का जागरूक और संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि शहर की 21 शाखाएं एक ही स्थान पर एकत्रित हुईं, जहां सामूहिक उपस्थिति के साथ अनुशासन और एकजुटता का सशक्त प्रदर्शन हुआ। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं ने संगठनात्मक क्षमता और सांस्कृतिक समन्वय का परिचय दिया।

इस आयोजन में बालिकाओं से लेकर युवतियों और गृहिणियों तक सभी आयु वर्ग की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही, जो समिति के कार्यों की व्यापक पहुंच को दर्शाती है।

समाज में बढ़ती चुनौतियों-जैसे पारिवारिक संरचना में बदलाव और मूल्यों में गिरावट-पर चिंता व्यक्त करते हुए वी. शांता कुमारी ने कहा कि इन समस्याओं का समाधान महिलाओं, विशेषकर माताओं को सशक्त और जागरूक बनाने में निहित है। उन्होंने कहा कि सुदृढ़ परिवार ही सशक्त समाज और राष्ट्र की नींव रखते हैं।

अंत में उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे ऐसे आयोजनों से निरंतर जुड़कर सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन में अपनी भूमिका निभाएं।

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