रायपुर , सितंबर 19 -- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को 'स्वयं से साक्षात्कार' विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित ऊर्जा, चेतना, पंचकोश, षट्चक्र और आभामंडल की अवधारणाओं पर चर्चा की गई।

कार्यशाला में स्वामी महेश और डॉ. अनिल गुप्ता ने इन अवधारणाओं के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। स्वामी महेश ने अपरा और परा विद्या की व्याख्या करते हुए पंचकोश-अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय कोष के बारे में बताया। उन्होंने शरीर, मन और इंद्रियों के बीच समन्वय की अवधारणा पर भी प्रकाश डाला।

डॉ. गुप्ता ने मानव शरीर में ऊर्जा के संचार और षट्चक्र की अवधारणा की जानकारी देते हुए भारतीय परंपरा में आंतरिक ऊर्जा एवं चेतना के विकास से जुड़े विचारों पर चर्चा की।

कार्यशाला में विद्युत नियामक आयोग के सदस्य विवेक गनोदवाले, सचिव सूर्यप्रकाश शुक्ला तथा पावर कंपनीज़ के प्रबंध निदेशक एस.के. कटियार, राजेश कुमार शुक्ला और भीम सिंह कंवर उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन उपमहाप्रबंधक (जनसंपर्क) गोविन्द पटेल ने किया, जबकि आयोग की संयुक्त निदेशक प्राची श्रीवास्तव ने अतिथियों का परिचय दिया।

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