रायपुर , अक्टूबर 31 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सेरीखेड़ी ओवरब्रिज पर डिवाइडर की रंगाई-पुताई के दौरान तेज रफ्तार कार की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने हिट एंड रन का मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान के सवाई माधोपुर निवासी कपिल सैनी उर्फ गोलू (24), पिंटू माली (45) और थनवा सहित अन्य मजदूर 28 अक्टूबर की सुबह सेरीखेड़ी ओवरब्रिज के उतरने वाले हिस्से में डिवाइडर पर पेंटिंग का कार्य कर रहे थे। निर्माण एवं रखरखाव कार्य के दौरान मजदूरों की सुरक्षा के मद्देनजर सड़क पर स्टॉपर भी लगाए गए थे।
इसी बीच आरंग की दिशा से आ रही तेज रफ्तार कार ने पहले सुरक्षा के लिए लगाए गए स्टॉपर को टक्कर मारी और इसके बाद काम में जुटे मजदूरों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि तीनों मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय स्तर पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराते हुए घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान कपिल सैनी और पिंटू माली की मौत हो गई, जबकि तीसरे घायल मजदूर थनवा का डीकेएस अस्पताल में उपचार जारी है। दुर्घटना के बाद चालक कार लेकर फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच के साथ फरार चालक की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
राजधानी में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला चिंता का विषय बना हुआ है। अक्टूबर के 20 दिनों के भीतर विभिन्न सड़क हादसों में 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। विशेष रूप से भारी वाहनों की टक्कर और तेज रफ्तार से जुड़ी घटनाओं में कई परिवारों को अपनों को खोना पड़ा है।
बीते 25 अक्टूबर को वीआईपी तिराहे पर एक कंटेनर ने गंगा साहू और उनकी 9 वर्षीय बेटी रितिका को कुचल दिया था। दुर्घटना में मां-बेटी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
इससे पहले 22 अक्टूबर को अग्रसेन धाम के समीप ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार रमेश साहू (43) की मौत हो गई थी, जबकि उनके साथी राम अवतार देवांगन गंभीर रूप से घायल हुए थे।
वहीं, 10 अक्टूबर को थाने के सामने दोस्त के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे घनश्याम साहू और उनके साथी को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में घनश्याम साहू की जान चली गई थी।
रायपुर के टाटीबंध से जोरा तक करीब 19 किलोमीटर लंबा रिंग रोड-1 सड़क सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील मार्ग बन गया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीनों में इस मार्ग पर 145 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 24 लोगों की मौत हुई, जबकि 71 लोग गंभीर रूप से घायल हुए।
इस मार्ग पर औसतन हर दूसरे दिन सड़क दुर्घटना सामने आई है। यातायात व्यवस्था की प्रमुख चुनौतियों में 5 ब्लैक स्पॉट, आधा दर्जन से ज्यादा अवैध कट और एक दर्जन से अधिक स्थानों पर अतिक्रमण शामिल हैं।
रिंग रोड और नेशनल हाईवे का हिस्सा होने के बावजूद कई स्थानों पर सड़क की संरचना और यातायात दबाव के कारण आवागमन प्रभावित होता है। मार्ग से प्रतिदिन 2 लाख से ज्यादा वाहन गुजरते हैं। सड़क के दोनों ओर घनी आबादी होने के साथ कई हिस्सों में सड़क की चौड़ाई कम होने तथा तेज रफ्तार वाहनों के आवागमन से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
यातायात पुलिस के अनुसार, 9 किलोमीटर के दायरे में भाठागांव, वीआईपी तिराहा और अग्रसेन धाम सहित 5 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इन स्थानों पर सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
अग्रसेन धाम और जोरा के बीच ओवरब्रिज का निर्माण कराया जा रहा है। इसके पूरा होने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। इसी प्रकार टाटीबंध क्षेत्र में सड़क की इंजीनियरिंग संबंधी खामियों को दूर करने का कार्य किया जा रहा है।
सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अनावश्यक डिवाइडर कट बंद किए जा रहे हैं। नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से सड़कों की स्थिति का परीक्षण और दुर्घटनाओं के कारणों की समीक्षा की जा रही है। इसके अतिरिक्त पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीमें सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही हैं।
हाईवे से लगी सर्विस रोड को नो-पार्किंग जोन घोषित कर अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।
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