रायपुर , सितंबर 24 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर निगम और पुलिस-प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। शुक्रवार से प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू होगा। शहर के सभी 10 जोन में तालाबों के किनारे व्यवस्थाएं की गई हैं, जबकि छोटी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए 43 स्थानों पर अस्थायी कुंड बनाए गए हैं। बड़ी प्रतिमाओं का विसर्जन महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड में किया जाएगा।
नगर निगम के अनुसार खारून नदी, तेलीबांधा तालाब, बूढ़ातालाब सहित अन्य तालाबों में प्रतिमाओं का विसर्जन प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंधित तालाबों में प्रतिमा विसर्जित करने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। महादेव घाट स्थित विसर्जन कुंड की व्यवस्था के लिए निगम ने समिति गठित की है। यहां कल सुबह छह बजे से एक अक्टूबर सुबह छह बजे तक अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
महापौर मीनल चौबे और आयुक्त संबित मिश्रा के निर्देश पर जोन-8 की टीम महादेव घाट विसर्जन कुंड की व्यवस्था और निगरानी कर रही है। यहां अब तक 150 से ज्यादा गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। विसर्जन स्थल पर गोताखोर, मोटर बोट, एंबुलेंस, मेडिकल टीम और फायर ब्रिगेड की व्यवस्था रहेगी।
गणेश विसर्जन और 27 सितंबर को निकलने वाली झांकियों की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को लेकर बुधवार को सी-4 भवन में गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों के साथ बैठक हुई। इसमें पुलिस, जिला प्रशासन, नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, स्वास्थ्य विभाग और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के अधिकारियों ने सुरक्षा, यातायात तथा कानून-व्यवस्था से संबंधित दिशा-निर्देश दिए।
विसर्जन के दौरान शहर में एक हजार से ज्यादा पुलिस जवान तैनात किए जाएंगे। महिलाओं और युवतियों से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को रोकने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सिविल ड्रेस में तैनात किया जाएगा। संवेदनशील स्थानों पर स्पेशल टीमें संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेंगी।
डीसीपी अर्चना झा ने बताया कि शहर के प्रमुख मार्गों से निकलने वाली झांकियों को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा प्लान तैयार किया है। प्रमुख चौक-चौराहों और झांकी रूट पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। झांकी मार्ग पर ड्रोन से भी निगरानी की जाएगी।
पुलिस-प्रशासन ने आयोजकों को निर्धारित विसर्जन स्थल का ही उपयोग करने, तय मार्ग और समय का पालन करने तथा झांकियों का निर्धारित क्रम बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। झांकियों को अनावश्यक रूप से रोकने की अनुमति नहीं होगी। समितियों को पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित वॉलंटियर्स रखने और उन्हें पहचान पत्र उपलब्ध कराने के लिए भी कहा गया है।
झांकियों के दौरान नशे का सेवन करने तथा हथियार या धारदार वस्तु रखने पर रोक रहेगी। डीजे और अन्य साउंड सिस्टम का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के तहत ही किया जा सकेगा। समितियों ने साउंड सिस्टम तय मानक के अनुसार रखने तथा बेस और वाइब्रेशन मोड बंद रखने पर सहमति दी है।
इस बार भी झांकियां शारदा चौक से प्रारंभ होंगी, जहां उन्हें क्रम संख्या दी जाएगी। इसके बाद झांकियां जयस्तंभ चौक, कोतवाली, सदर बाजार, सत्ती बाजार, कंकाली तालाब, पुरानी बस्ती थाना चौक, लीली चौक, लाखेनगर चौक और सुंदरनगर होते हुए महादेव घाट विसर्जन कुंड पहुंचेंगी। लाखेनगर चौक से महादेवघाट रिंगरोड तक यातायात वन-वे रहेगा।
सदर बाजार में स्थित जर्जर भवनों को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। पुलिस, नगर निगम और एसडीआरएफ के अधिकारियों ने झांकी के दौरान इन भवनों से संभावित खतरे की जानकारी देते हुए सुरक्षा की दृष्टि से रूट बदलने का प्रस्ताव रखा लेकिन गणेश उत्सव समितियों के आयोजकों ने मार्ग परिवर्तन पर असहमति जताई। आयोजकों ने हालांकि पुलिस-प्रशासन की ओर से जारी अन्य सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की बात कही।
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