रायपुर , जुलाई 14 -- छत्तीसगढ़ वन विभाग ने खैर लकड़ी के अवैध भंडारण और तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर दो ट्रक से अधिक खैर की लकड़ी जब्त की और गोदाम को सील कर दिया ।
वन विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि जब्त की गई खैर की लकड़ी हरियाणा भेजने की तैयारी थी। खैर की लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कत्था बनाने में किया जाता है, जिसकी विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी मांग है।
विभाग ने बताया कि यह कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय के निर्देशन में की गई। संयुक्त अभियान में राज्य उड़नदस्ता के उप-मंडल अधिकारी (एसडीओ) संदीप सिंह राजपूत के नेतृत्व वाली टीम, रायपुर वन परिक्षेत्र अधिकारी दीपक कुमार तिवारी तथा सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी संतोष सामंतराय राय शामिल रहे।
वन विभाग के मुताबिक, लगभग पांच वर्ष पूर्व भी इसी मामले से जुड़े व्यक्ति से संबंधित एक ट्रक अवैध खैर लकड़ी के साथ पकड़ा गया था। उस प्रकरण में वाहन की राजसात की कार्रवाई की गई थी तथा आरोपी को न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया था।
विभाग ने यह भी बताया कि संबंधित व्यक्ति का नाम पूर्व में वन्यजीव अपराधों से जुड़े मामलों में भी सामने आ चुका है। इनमें तेंदुए की खाल के कथित अवैध व्यापार से जुड़े आरोप भी शामिल रहे हैं। हालांकि, इन मामलों की जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया संबंधित सक्षम प्राधिकारों के अधीन रही है।
वन विभाग ने कहा कि जब्त लकड़ी के स्रोत, उसके परिवहन तथा उससे जुड़े संभावित तस्करी नेटवर्क की विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वन विभाग ने गोदाम को सील कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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