रायपुर , नवंबर 01 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में त्योहार से पहले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रशासन से आज मिली जानकारी के अनुसार विभाग की अलग-अलग टीमों ने शनिवार को शहर के चार क्षेत्रों में मिठाई दुकानों और खाद्य निर्माण इकाइयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई प्रतिष्ठानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद तीन खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिए गए, जबकि बड़ी मात्रा में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन के नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के दौरान बीरगांव, समता कॉलोनी, कमल विहार और रामकृष्ण हॉस्पिटल के समीप संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। निरीक्षण में कहीं मिठाई तैयार करने के लिए रखे दूध में कीड़े पाए गए, तो कहीं ब्रेड निर्माण स्थल पर चूहों की मौजूदगी और साफ-सफाई की गंभीर कमी सामने आई।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, कमल विहार स्थित एक गोदाम के आसपास रहने वाले नागरिकों की ओर से लगातार गंदगी की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद जांच के लिए अलग-अलग टीमें गठित की गईं। नियंत्रक दीपक अग्रवाल स्वयं अधिकारियों के साथ निरीक्षण और कार्रवाई की निगरानी करते रहे।
बीरगांव स्थित खत्री स्वीट्स के निरीक्षण में मिठाई निर्माण के लिए रखे दूध में कीड़े पाए गए। इसके अलावा वहां तैयार की जा रही मिठाइयों की गुणवत्ता भी संदिग्ध मिली। खाद्य सुरक्षा टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 80 लीटर दूध, 3 किलो केक और 20 किलो चमचम सहित अन्य सामग्री नष्ट कराई। गंभीर अनियमितताओं के चलते प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मिठाइयों में इस्तेमाल की जा रही सामग्री को लेकर भी संदेह जताया। प्रारंभिक जांच में काजू कतली में काजू के स्थान पर मूंगफली, खोवा बर्फी में खोवा के साथ सूजी तथा शक्कर के स्थान पर ग्लूकोज के घोल का इस्तेमाल किए जाने की आशंका सामने आई। इन अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों ने प्रतिष्ठान संचालक को कड़ी फटकार लगाई।
विभाग ने काजू, बूंदी, शक्कर और मिल्क केक के नमूने जांच के लिए एकत्र किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, मिठाइयों में संदिग्ध सामग्री के इस्तेमाल की वास्तविक पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही हो सकेगी।
रामकृष्ण हॉस्पिटल के पास संचालित अग्रवाल मिठाई वाला में जांच के दौरान मिठाई निर्माण स्थल का फर्श गंदा पाया गया। खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप स्वच्छता नहीं मिलने पर विभाग ने यहां रखी 100 किलो बालूशाही, 25 किलो रसगुल्ला, 10 किलो काजू खोवा, 5 किलो दूध खोवा और 25 किलो खोवा-काजू नष्ट कराया। प्रतिष्ठान का खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया गया।
समता कॉलोनी में लक्ष्मी फूड प्रोडक्ट्स के नाम से संचालित ब्रेड बास्केट की जांच में स्वच्छता संबंधी गंभीर खामियां सामने आईं। ब्रेड तैयार किए जाने वाले स्थान पर चूहे घूमते पाए गए, जबकि स्टोर रूम में भी गंदगी मिली। जांच दल को पेस्ट कंट्रोल का रिकॉर्ड और कर्मचारियों के मेडिकल प्रमाणपत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए।
उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2025 में भी खाद्य विभाग ने ब्रेड बास्केट का निरीक्षण किया था। उस समय गंदगी पाए जाने पर संचालक को व्यवस्थाओं में सुधार की चेतावनी दी गई थी। करीब दस महीने बाद दोबारा जांच में भी स्वच्छता की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं पाया गया।
कमल विहार स्थित कृष्णा स्वीट्स के निरीक्षण में प्रतिष्ठान बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। विभागीय टीम ने यहां से 720 किलो डिलीशियस स्वीट्स, 112 किलो मैसूर पाक और 2500 किलो कुंदा जब्त किया।
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