रायपुर , अगस्त 07 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में कारोबार में साझेदारी और अधिक मुनाफा दिलाने का भरोसा देकर अपनी बहन और बहनोई से करीब 1.25 करोड़ रुपये निवेश कराने तथा बाद में कथित रूप से फर्जी दस्तखत कर उन्हें साझेदारी फर्म से बाहर दिखाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से शुक्रवार को मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता शिवांगी गर्ग (43), निवासी लॉ कॉलेज स्क्वायर, नागपुर, पेशे से मनोवैज्ञानिक काउंसलर हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके भाई शुभम सिंघल और भाभी जया सिंघल रायपुर में पहले अधिराज सीमेंट तथा बाद में अधिराज ट्रेडलिंक नाम से साझेदारी फर्म का संचालन करते थे।

शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2020 में कारोबार के विस्तार और अधिक लाभ का भरोसा देकर शिवांगी गर्ग और उनके पति से अलग-अलग समय पर नकद तथा बैंकिंग माध्यम से लगभग 1.25 करोड़ रुपये का निवेश कराया गया। विश्वास बनाए रखने के लिए प्रारंभिक अवधि में मुनाफे के नाम पर उनके खाते में कुछ राशि भी भेजी जाती रही।

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