रायपुर , मई 11 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 12 से 14 मई तक "अखिल भारतीय समन्वित खरपतवार प्रबंधन अनुसंधान परियोजना" की 33वीं वार्षिक समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। तीन दिवसीय इस राष्ट्रीय आयोजन में देशभर से कृषि वैज्ञानिक शामिल होकर फसलों में खरपतवार नियंत्रण, उत्पादन हानि की रोकथाम तथा आधुनिक तकनीकों के विकास और विस्तार पर मंथन करेंगे।

बैठक का उद्घाटन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली के उप महानिदेशक द्वारा किया जाएगा, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति करेंगे।

यह परियोजना भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली के अंतर्गत जबलपुर स्थित खरपतवार अनुसंधान निदेशालय के माध्यम से संचालित की जा रही है। परियोजना का मुख्य उद्देश्य फसलों में खरपतवार नियंत्रण संबंधी अनुसंधान को बढ़ावा देना, नई तकनीकों का विकास करना तथा उन्हें किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना है।

बैठक में देश के विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों से जुड़े 17 प्रमुख केंद्रों और सात स्वयंसेवी केंद्रों के वैज्ञानिक भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त राज्य कृषि विश्वविद्यालयों, आईसीएआर संस्थानों तथा हर्बीसाइड उद्योगों से जुड़े लगभग 100 विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की उपस्थिति रहने की संभावना है।

समीक्षा बैठक के दौरान वर्ष 2025-26 में किए गए अनुसंधान कार्यों एवं विस्तार गतिविधियों की उपलब्धियों का मूल्यांकन किया जाएगा। साथ ही आगामी दो वर्षों के तकनीकी कार्यक्रमों की रूपरेखा और कार्ययोजना को अंतिम रूप देने पर भी विचार-विमर्श होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर खरपतवार नियंत्रण नहीं होने की स्थिति में फसल उत्पादन में 40 से 60 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है। वहीं धान की सीधी बोनी वाली फसलों में यह नुकसान कई बार 90 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।

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