रायपुर , सितंबर 15 -- छत्तीसगढ़ में घर-घर जाकर कचरा उठाने वाले वाहनों के बाद अब मशीनों और यांत्रिक उपकरणों की मदद से की जाने वाली सफाई व्यवस्था को भी जीपीएस आधारित डिजिटल निगरानी के दायरे में लाने की तैयारी की जा रही है। पहले चरण में रायपुर और बिलासपुर नगर निगम में यह व्यवस्था लागू करने की योजना है, जिसके अनुभव के आधार पर बाद में इसे प्रदेश के अन्य नगर निगमों तक विस्तारित किया जाएगा।
स्वास्थ्य अधिकारी प्रवेश कश्यप ने कहा, "अभी डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन की डिजिटल मॉनिटरिंग हो रही है। शासन के आदेश पर मैकेनाइज्ड और मैकेनिकल सफाई की डिजिटल मॉनिटरिंग को लेकर प्लानिंग की जाएगी।"नई व्यवस्था के तहत सफाई कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र और गतिविधियों की डिजिटल मैपिंग की जाएगी। इसके जरिए यह रिकॉर्ड किया जा सकेगा कि संबंधित कर्मचारी किस क्षेत्र में गया, वहां उसने सफाई की या नहीं और कितनी देर तक काम किया। निगम के अधिकारी डिजिटल मैप के माध्यम से कर्मचारियों की गतिविधियों की निगरानी कर सकेंगे।
इसके लिए दिल्ली की कंपनी के करीब 1400 सफाई कर्मचारियों को जीपीएस से लैस करने की तैयारी है। कर्मचारियों की सफाई से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। इससे निर्धारित रूट और क्षेत्र में सफाई की वास्तविक स्थिति की निगरानी के साथ कर्मचारी तथा संबंधित एजेंसी की जवाबदेही भी तय की जा सकेगी।
नगर निगमों में घर-घर से कचरा उठाने में लगे वाहनों की जीपीएस आधारित निगरानी पहले से की जा रही है। अब इसी व्यवस्था को मशीनों और यांत्रिक उपकरणों की मदद से की जाने वाली सफाई व्यवस्था में लागू करने की योजना है। इसके तहत सफाई वाले क्षेत्रों और रूट की डिजिटल मैपिंग की जाएगी।
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