रायपुर , सितंबर 10 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तहसील कार्यालय में नामांतरण प्रकरणों की ऑनलाइन प्रक्रिया को लेकर अतिरिक्त तहसीलदार ख्याति नेताम के खिलाफ शिकायत की गई है। अधिवक्ता विकास गुप्ता ने अधिकारियों को दी शिकायत में कुछ प्रकरणों की कार्रवाई ई-कोर्ट में दर्ज होने से पहले ऑफलाइन शुरू किए जाने का आरोप लगाते हुए जांच और विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता ने ग्राम मठपुरैना की राधिका वैष्णव के नामांतरण प्रकरण का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि इसमें 31 जुलाई को ऑफलाइन इश्तेहार और पटवारी के लिए ज्ञापन जारी किया गया, जबकि संबंधित प्रकरण दो सितंबर को ई-कोर्ट में दर्ज हुआ। उन्होंने सवाल उठाया है कि यदि प्रकरण की कार्रवाई पहले ही शुरू हो गई थी तो शुरुआती कार्रवाई ऑनलाइन अभिलेख में दर्ज क्यों नहीं हुई।
अधिवक्ता गुप्ता का आरोप है कि नए नामांतरण प्रकरणों को पहले आरडी या ई-कोर्ट में दर्ज करने के बजाय आवेदन पर ही आवश्यक निर्देश लिखकर पक्षकार अथवा अधिवक्ता को पटवारी के पास प्रतिवेदन लेने भेजा जा रहा है। उनका कहना है कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत प्रकरण को पहले आरडी या ई-कोर्ट में दर्ज किया जाना चाहिए, जिससे उसकी स्थिति ऑनलाइन देखी जा सके। इसके बाद इश्तेहार और पटवारी के लिए ज्ञापन जारी कर प्रतिवेदन लिया जाना चाहिए।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आवेदन पर अलग-अलग बिंदुओं की जानकारी मांगकर पक्षकारों को सीधे पटवारी के पास भेजने से संबंधित प्रकरण ऑनलाइन लंबित दिखाई नहीं देता, जबकि उसकी कार्रवाई ऑफलाइन चलती रहती है। बाद में आदेश की प्रक्रिया के दौरान प्रकरण को ऑनलाइन दर्ज किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इससे पक्षकारों को प्रकरण की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं मिल पाती और उन्हें कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
अधिवक्ता गुप्ता ने ग्राम मठपुरैना के नामांतरण प्रकरणों सहित इस प्रक्रिया की जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने तथा अतिरिक्त तहसीलदार ख्याति नेताम के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर उनका रायपुर से बाहर स्थानांतरण करने की मांग अधिकारियों से की है।
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