रायपुर , जून 23 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चर्चित ड्रग्स प्रकरण की जांच अब नए चरण में पहुंच गई है। कथित ड्रग्स तस्करी नेटवर्क से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच शुरू कर दी है और एजेंसी अब कथित अवैध धन के स्रोत, मनी लॉन्ड्रिंग तथा वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

सूत्रों के अनुसार ईडी ने मामले से संबंधित चार्जशीट, दस्तावेजों और अन्य अभिलेखों की प्रतियां पुलिस से मांगी हैं। पुलिस इस मामले में पहले ही न्यायालय में आरोपपत्र पेश कर चुकी है तथा प्रकरण का ट्रायल जारी है। ईडी की जांच शुरू होने के बाद मामले से जुड़े कई लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित ड्रग्स कारोबार से अर्जित धन का उपयोग कहां और किस प्रकार किया गया। साथ ही उन व्यक्तियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है, जिनका प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष संबंध इस नेटवर्क से रहा है।

उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त 2025 को पुलिस ने एमडीएमए के साथ हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों के आधार पर पुलिस ने मुंबई में कार्रवाई कर नाव्या मलिक को गिरफ्तार किया था।

जांच में सामने आया था कि कटोरा तालाब क्षेत्र की निवासी नाव्या मलिक कथित रूप से शहर में आयोजित हाईप्रोफाइल पार्टियों और निजी आयोजनों में ड्रग्स की आपूर्ति से जुड़ी हुई थी। पुलिस के अनुसार उसने मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के जरिए एक संगठित नेटवर्क तैयार कर रखा था, जिसके माध्यम से कथित तौर पर ड्रग्स की सप्लाई की जाती थी।

पुलिस जांच में नाव्या मलिक को पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद जब्त तीन मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई थीं। जांच एजेंसियों के अनुसार उसके संपर्क में करीब 850 प्रभावशाली लोग थे, जिनमें कारोबारी, होटल संचालक, क्लब प्रबंधन से जुड़े लोग, राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों के परिजन तथा अन्य रसूखदार परिवारों के सदस्य शामिल बताए गए थे।

जांच के दौरान एक विधायक के रिश्तेदार, होटल व्यवसाय, ऑटोमोबाइल कारोबार और इंटीरियर डिजाइनिंग क्षेत्र से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए थे। पुलिस ने दावा किया था कि 850 से अधिक लोगों की पहचान ड्रग्स सेवन करने वालों के रूप में हुई थी। कई नाइट क्लबों के प्रबंधक और बाउंसरों की भूमिका की भी जांच की गई थी। इसके अलावा विदेश यात्राओं और उन यात्राओं में शामिल कुछ युवाओं की जानकारी भी एजेंसियों को मिली थी।

मामले में अब तक नाव्या मलिक, अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन, सोहेल खान, जुनैद अख्तर, हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया सहित कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। हालांकि वर्तमान में सभी आरोपियों को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित