रायपुर, 21 जून 2026 (वार्ता) छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर से एक कथित फर्जी वकील को गिरफ्तार किया गया है। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं की सतर्कता से आरोपी की पहचान उजागर हुई, जिसके बाद उसे सिविल लाइन थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी न्यायालय परिसर में अधिवक्ता बनकर लोगों से संपर्क कर रहा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर कुछ अधिवक्ताओं ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपनी पहचान बदलकर बताने लगा। कभी उसने स्वयं को हरीश डहरिया बताया तो कभी मनीष कुर्रे नाम से परिचय देने का प्रयास किया। जवाबों में लगातार विरोधाभास मिलने पर अधिवक्ताओं का संदेह गहरा गया और पुलिस को सूचना दी गई।
तलाशी के दौरान आरोपी के पास से चार से पांच संदिग्ध आधार कार्ड सहित कई पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि दस्तावेज असली हैं या फर्जी तथा उनका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की आशंका भी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से जुड़े पांच अन्य संदिग्ध सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच जारी है।
बताया गया है कि आरोपी किसी व्यक्ति का न्यायालय संबंधी काम कराने के नाम पर परिसर पहुंचा था। काम नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति ने हंगामा शुरू कर दिया, जिसके बाद आरोपी पर अधिवक्ताओं की नजर पड़ी। उसके व्यवहार और गतिविधियों पर संदेह होने के बाद की गई पूछताछ में कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
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