रायगढ़ , अगस्त 27 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथियों की लगातार बढ़ती आवाजाही से ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ गई है। जंगलों से निकलकर आबादी और खेतों के करीब पहुंच रहे हाथियों ने मंगलवार-बुधवार रात अलग-अलग गांवों में 26 किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग की टीमों ने बुधवार सुबह प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर क्षति का आकलन शुरू कर दिया।
वन विभाग से गुरुवार को मिली जानकारी के अनुसार धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज अंतर्गत पोलाईआर्ट, सिसरिंगा और सोनपुर में हाथियों ने सात किसानों की फसल रौंद दी। धरमजयगढ़ रेंज के नागदरहा में फीरसिंह राठिया की धान फसल को नुकसान पहुंचा है।
इसी तरह बोरो रेंज के धवाईडांड में जगरमोती भुइंहर और मानसाय यादव के खेत में खड़ी फसल को हाथियों नष्ट कर दिया। छाल रेंज के चुहकीमार में हिरिराम, हीरा राम, चमार और राम समेत सात किसानों की फसल बर्बाद हुई। कापू रेंज के रायमेर और किरिया में बुधनसाय, पेशराम, बहादुर एक्का, प्रेमसाय एक्का और दिलीप के खेतों में भी हाथियों ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया।
रायगढ़ वन मंडल में भी हाथियों ने खेतों में पहुंचकर फसल रौंदी। जुनवानी में कृष्ण गोपाल मालाकार, तिलकराम मालाकार, जहरीराम टोप्पो और चैतमति तिर्की के धान के खेतों में नुकसान दर्ज किया गया है।
हाथियों के खेतों में पहुंचने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों और वन अमले ने उन्हें जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया लेकिन हाथी काफी देर तक खेतों में मौजूद रहे। सुबह होने से पहले हाथियों का दल वापस जंगल की ओर चला गया।
वन विभाग ने प्रभावित गांवों में फसल क्षति का आकलन शुरू कर दिया है। आकलन पूरा होने के बाद निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
वन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक कल तक रायगढ़ जिले के जंगलों में कुल 165 हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें धरमजयगढ़ वन मंडल में 108 और रायगढ़ वन मंडल में 57 हाथी मौजूद हैं। धरमजयगढ़ वन मंडल में मौजूद हाथियों में 32 नर, 48 मादा और 28 शावक हैं, जबकि रायगढ़ वन मंडल में 17 नर, 32 मादा और 8 शावक शामिल हैं।
हाथियों के लगातार एक रेंज से दूसरे रेंज में गतिविधि को देखते हुए वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाए हुए है। गांवों में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है और हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष रूप से रात के समय जंगल और खेतों की ओर नहीं जाने की अपील की है।
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