रायगढ़ , फरवरी 16 -- रायगढ़ में एनटीपीसी की तिलाईपाली कोल माइनिंग परियोजना से प्रभावित ग्रामवासियों और किसानों ने अपनी 10 लंबित मांगों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे लेकिन अब तक परियोजना प्रबंधन और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी जताई।

प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि उनकी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया वर्षों पहले पूरी हो चुकी है लेकिन मुआवजा राशि, पुनर्वास, बोनस और अन्य वैधानिक लाभ अब तक प्रदान नहीं किए गए हैं। कई परिवार पीढ़ियों से खेती पर निर्भर रहे हैं, जिन्हें उचित मुआवजा न मिलने से सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में 10 प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें अधिग्रहित भूमि का पूर्ण मुआवजा, पुनर्वास एवं पुनर्विस्थापन, लंबित बोनस राशि का वितरण, आजीविका सुरक्षा, आवास सुविधा, न्यायालयीन एवं शासकीय आदेशों का पालन, पूर्व में अधिग्रहित भूमि का पुनर्मूल्यांकन, पारदर्शी एवं समयबद्ध कार्यवाही, स्थानीय युवाओं को रोजगार तथा प्रभावी शिकायत निवारण तंत्र की स्थापना शामिल है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। उनका कहना है कि धरने का उद्देश्य केवल अपने वैधानिक अधिकारों की रक्षा करना है और वे पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं।

कलेक्टर रायगढ़ ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी मुद्दों पर त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की जाएगी तथा परियोजना प्रबंधन के साथ समन्वय कर समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के अधिकारों की रक्षा को प्राथमिकता बताते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया है। क्षेत्र में अब प्रशासन और परियोजना प्रबंधन की आगामी कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

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