रायपुर , अप्रैल 08 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कमी के चलते रसोई व्यवस्था प्रभावित हो गई है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अस्पताल में मरीजों के लिए भोजन पारंपरिक चूल्हे पर तैयार करना पड़ रहा है, जिससे स्वास्थ्य एवं स्वच्छता को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आ रही है।
सूत्रों के अनुसार, गैस सिलेंडर की नियमित आपूर्ति बाधित होने से अस्पताल की रसोई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही है। कर्मचारियों को मजबूरी में लकड़ी या अन्य पारंपरिक साधनों का उपयोग कर भोजन बनाना पड़ रहा है, जिससे खाना बनने में अधिक समय लग रहा है और धुएं के कारण वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार की व्यवस्था संक्रमण और अस्वच्छता के खतरे को बढ़ा सकती है। खासकर नवजात शिशुओं और गर्भवती महिलाओं के लिए स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन अत्यंत आवश्यक होता है, ऐसे में यह स्थिति उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकती है।
इस संबंध में मरीजों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल में एलपीजी गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित और समय पर भोजन मिल सके। फिलहाल यह मामला स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहा है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित