अयोध्या , सितंबर 01 -- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में राम मंदिर के लिए पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) की नियुक्ति के साथ ही प्रवक्ता और अन्य पदों पर नियुक्तियों को लेकर निर्णय होने की संभावना है। बैठक शाम चार बजे मणिराम दास छावनी में होगी।

ट्रस्ट के सूत्रों के अनुसार, बैठक से पहले एक विशेष बैठक भी हो सकती है, जिसमें ट्रस्ट में रिक्त पदों पर नए सदस्यों के चयन और सीईओ के नाम पर चर्चा की जाएगी। सीईओ पद के लिए चयन पैनल ने पिछले महीने विस्तृत साक्षात्कार प्रक्रिया के बाद अपनी संस्तुति ट्रस्ट को सौंप दी थी।

सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश पुलिस के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडेय, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान और पूर्व आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा के नाम सीईओ पद की दौड़ में प्रमुख रूप से बताए जा रहे हैं। ट्रस्ट की धार्मिक समिति के अध्यक्ष एवं कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरि तथा ट्रस्ट के महासचिव डॉ. कृष्ण मोहन अयोध्या पहुंच चुके हैं। स्वामी गोविंद देवगिरि ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।

पिछले दो महीनों में यह ट्रस्ट की तीसरी बैठक होगी। इससे पहले चार जुलाई को हुई बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और न्यासी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार किए गए थे। उनके स्थान पर सेवानिवृत्त आईएफएस अधिकारी डॉ. कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव नियुक्त किया गया था।

22 जुलाई को हुई दूसरी बैठक में ट्रस्ट ने दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए थे। नौ संतों की धार्मिक समिति गठित की गई थी, जिसमें अयोध्या के पांच और मंदिर ट्रस्ट के चार संत शामिल किए गए। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरि को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। इसके अलावा ट्रस्ट के लिए प्रवक्ता और सचिव नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था।

बुधवार की बैठक में प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा किए जाने की संभावना है। धार्मिक समिति में सदस्यों की संख्या बढ़ाने तथा ट्रस्ट में रिक्त तीन पदों को भरने पर भी निर्णय हो सकता है। हालांकि, स्थायी महासचिव की नियुक्ति की संभावना कम बताई जा रही है। ट्रस्ट सूत्रों के अनुसार, डॉ. कृष्ण मोहन फिलहाल कार्यवाहक महासचिव के रूप में काम करते रहेंगे।

गौरतलब है कि ट्रस्ट में चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे तथा न्यासी बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा के निधन के कारण तीन पद रिक्त हुए हैं।

सीईओ की नियुक्ति से मंदिर के दैनिक प्रशासन, प्रबंधन, कर्मचारियों के कार्य, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और विभिन्न व्यवस्थाओं के बीच समन्वय को अधिक संस्थागत रूप दिए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट डीड और ट्रस्ट के नियमों में संशोधन का प्रस्ताव भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल है। हालांकि, संशोधन के बिंदु अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। संभावित संशोधनों में महासचिव और प्रस्तावित सीईओ के बीच जिम्मेदारियों का स्पष्ट विभाजन, सीईओ के अधिकार क्षेत्र, प्रशासनिक समितियों के साथ समन्वय, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति तथा कार्यों का विभाजन शामिल हो सकता है। नियमावली में सीईओ के पद को स्थायी प्रशासनिक व्यवस्था में शामिल करने के लिए आवश्यक प्रावधान किए जाने की भी संभावना है।

बैठक में राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए महासचिव की अध्यक्षता में स्थानीय सुरक्षा समन्वय समिति गठित करने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है। इसका उद्देश्य मंदिर ट्रस्ट और स्थानीय प्रशासन के बीच सुरक्षा संबंधी बेहतर समन्वय स्थापित करना होगा।

संभावित समिति में ट्रस्ट, पुलिस प्रशासन, सुरक्षा एजेंसियों और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जा सकता है। समिति नियमित सुरक्षा समीक्षा, भीड़ प्रबंधन, प्रमुख पर्वों एवं विशेष आयोजनों की सुरक्षा योजना, वीआईपी आवागमन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा आपात स्थिति में त्वरित समन्वय जैसे विषयों पर काम कर सकती है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित