सिलीगुड़ी , मार्च 26 -- पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार और शहर के महापौर गौतम देव ने शुक्रवार को अपने समर्थकों द्वारा आयोजित एक विशाल राम नवमी रैली में 'जय श्री राम' के नारे लगाए। विधानसभा चुनावों से पहले इस कदम ने निवासियों और राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।

पश्चिम बंगाल के ध्रुवीकृत राजनीतिक माहौल में इसे हिंदू मतदाताओं को लुभाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। श्री देव ने अपनी पार्टी के पारंपरिक नारे 'जॉय बांग्ला' के बजाय जुलूस के दौरान बार-बार धार्मिक नारे लगाए। उनके साथ तृणमूल के दो अन्य उम्मीदवार रंजन शील शर्मा (डाबग्राम-फुलबाड़ी) और शंकर मालाकार (माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी) भी अपने-अपने क्षेत्रों में राम नवमी के जुलूसों में शामिल हुए।

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से शंकर घोष (सिलीगुड़ी), आनंदमय बर्मन (माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी) और दुर्गा मुर्मू (फांसीदेवा) ने भी रैलियों में भाग लिया। हालांकि, वरिष्ठ भाजपा उम्मीदवार शिखा चटर्जी जुलूसों में प्रमुखता से नहीं दिखीं। वहीं, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस के नेता इन आयोजनों से काफी हद तक दूर रहे।

आलोचनाओं का जवाब देते हुए श्री देव ने कहा कि यह व्यवहार राजनीति के बजाय व्यक्तिगत आस्था से जुड़ा है। उन्होंने कहा, "मेरा परिवार पूर्वी पाकिस्तान से आया था। मेरे पूर्वज और पिता बहुत आध्यात्मिक थे और राम नवमी मनाते थे। मैंने घर पर उस परंपरा को बनाए रखा है।" उन्होंने सिलीगुड़ी की सांप्रदायिक सद्भाव की परंपरा पर भी जोर दिया।

दूसरी ओर, भाजपा उम्मीदवार शंकर घोष ने श्री देव की भागीदारी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। श्री घोष वर्तमान में एक नाबालिग लड़की को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी आमिर अली की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं और उन्होंने अपना घर-घर जनसंपर्क अभियान स्थगित कर दिया है।

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