नयी दिल्ली , मई 11 -- रामायण रिसर्च काउंसिल माँ सीता के आदर्शों के प्रचार-प्रसार के लिए देश भर में कथाओं का आयोजन करने जा रहा है। इस कड़ी में उत्तराखंड के रामनगर में स्थित सीताबनी में सबसे पहली कथा का आयोजन 16 मई को किया जायेगा।
काउंसिल के अध्यक्ष एवं सांसद अजय भट्ट ने यहां कंस्टीट्यूशन कल्ब में सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि सीताबनी में माँ जानकी का पहला कथा आयोजन किया जा रहा है। इसके बाद देश के विभिन्न हिस्सों में इसका आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा, "ये कथा आयोजन प्रधानमंत्री के आदर्शो के अनुसार, देश में नारी शक्ति को जागृत करने के लिए किये जा रहे हैं।"सांसद ने मां जानकी के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि मां त्याग, साहस और नैतिकता की प्रतीक हैं। आज देश-समाज के निर्माण के लिए उनके आदर्शों की सख्त जरूरत है।
पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजना ज्योति ने कहा कि ऐसे समय में जब आधुनिकता के कारण परिवार टूट रहे हैं, मां जानकी के आदर्श प्रकाश स्तंभ की तरह मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते हैं। मां जानकी ने संकट के समय अपने पति के साथ जाने का मार्ग चुना, वह जंगलों में, कांटों पर चली लेकिन पति का साथ निभाया।
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