रोहतक , अक्टूबर 20 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का संदेश देता है। रावण दहन के साथ हमें अपने भीतर के अहंकार, झूठ, द्वेष, भेदभाव, नशे और भ्रष्टाचार जैसी बुराइयों को भी समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। शक्ति का उद्देश्य अत्याचार करना नहीं, बल्कि अन्याय का अंत कर समाज में धर्म और न्याय की स्थापना करना है।
मुख्यमंत्री रोहतक में सनातनी युवा फाउंडेशन की ओर से आयोजित 'बुराई से अच्छाई की ओर' सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कुंभकरण, मेघनाद और रावण के पुतलों का दहन किया। कार्यक्रम में 300 ड्रोन के माध्यम से भगवान श्रीराम की गाथा की भव्य प्रस्तुति भी दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम द्वारा रावण वध और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के संहार की कथाएं अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती हैं। आज रावण के अनेक चेहरे हैं, जिनमें नशा, भ्रष्टाचार, झूठ और बेटियों के प्रति भेदभाव शामिल हैं। इसलिए केवल पुतला जलाना पर्याप्त नहीं, बल्कि इन बुराइयों को समाप्त करना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि रामराज्य का अर्थ ऐसा समाज है, जहां गरीबों को सम्मान, कमजोरों को न्याय, बेटियों को सुरक्षा और युवाओं को समान अवसर मिलें। सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
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