उदयपुर , जुलाई 11 -- कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. अमी याग्निक ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर गंभीर आरोप लगाते हुये इस सम्पूर्ण मामले की उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है।
राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य (सीडब्ल्यू सी) डॉ. याग्निक ने शनिवार को यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुये आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं द्वारा श्रद्धा और विश्वास से दिये गये चंदे के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के नाम पर आस्था का राजनीतिक इस्तेमाल किया गया और चढ़ावे के नाम पर जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ हुआ है।
उन्होंने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं। इसलिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डॉ. याग्निक ने मांग की कि ट्रस्ट की आय-व्यय, दान राशि, भूमि खरीद, निर्माण कार्यों, नियुक्तियों और अन्य सभी वित्तीय लेन-देन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच करके उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाये। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस भगवान राम की आस्था का सम्मान करती है और चाहती है कि राम मंदिर से जुड़ी प्रत्येक गतिविधि पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार से मुक्त हो, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे।
डॉ. याग्निक ने कहा कि ट्रस्ट का गठन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देखरेख में हुआ था तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही भी प्रधानमंत्री की होती है। उन्होंने कहा कि सब कुछ ठीक था, तो चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस्तीफा क्यों दिया। कोई अनियमितता नहीं हुई तो उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र जांच से परहेज क्यों किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश जानना चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस पूरे मामले पर मौन क्यों हैं। उन्होंने कहा, " क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा, गोविंद देव गिरी, गोपाल राव और ट्रस्ट के अन्य शीर्ष पदाधिकारी अपनी जवाबदेही से बच सकते हैं।"डॉ. याग्निक ने कांग्रेस की ओर से मांग की कि श्री मोदी देश के सामने इस पूरे मामले पर जवाब दें, कथित दोषियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाये, उच्चतम न्यायालय की निगरानी में स्वतंत्र न्यायिक जांच कराई जाए और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को तत्काल भंग किया जाये।
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