प्रयागराज , अक्टूबर 08 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में रामबाग आरपीएफ थाने से पुलिसकर्मियों को चकमा देकर फरार हुआ चोरी का आरोपी मोनू आखिरकार बुधवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया। घटना के करीब 30 घंटे बाद जीआरपी ने उसे झूंसी रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया।

जीआरपी के अनुसार, थाने से फरार होने के बाद मोनू अपने घर नहीं गया था, लेकिन लगातार परिजनों के संपर्क में था। इसी सुराग के आधार पर जीआरपी की टीमों ने उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी। इसी दौरान उसके झूंसी में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद उसे रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

जीआरपी प्रयागराज प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटाई थी।

पूछताछ में सामने आया कि मोनू को पांच अक्टूबर को लोहा चोरी के मामले में गिरफ्तार कर रामबाग आरपीएफ थाने लाया गया था। उसके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। छह अक्टूबर की सुबह उसे अदालत में पेश करने की तैयारी चल रही थी। इसी दौरान उसने टॉयलेट जाने की बात कही और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को चकमा देकर थाने से फरार हो गया।

आरोपी के फरार होने के बाद आरपीएफ और पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में लगाई गई थीं। मामले में ड्यूटी पर तैनात सिपाही सुरेंद्र गौतम और हेड कांस्टेबल राम नगीना को निलंबित किया जा चुका है। घटना के संबंध में आरपीएफ इंस्पेक्टर दयाशंकर यादव की तहरीर पर जीआरपी ने आरोपी मोनू और दोनों आरपीएफ जवानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान वह किन-किन लोगों के संपर्क में रहा और कहां-कहां रुका था।

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