रामपुर , अप्रैल 24 -- संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अधीन रामपुर रज़ा लाइब्रेरी 25 अप्रैल को ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा वृंदावन शोध संस्थान, वृंदावन (मथुरा) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करेगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस समझौते का उद्देश्य अनुसंधान, अनुवाद, प्रदर्शनी, सेमिनार, संगोष्ठी तथा अन्य सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा और सशक्त आधार प्रदान करना है। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण और प्रसार को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पुस्तकालय निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने कहा कि यह एमओयू शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगा। उनके अनुसार इस पहल से संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग बढ़ेगा और ज्ञान परंपरा को संरक्षित करने के प्रयास और मजबूत होंगे।
इस अवसर पर ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ से कुलपति डॉ. अजय तनेजा, डॉ. अब्दुल हफीज (समन्वयक, एमओयू), डॉ. मोहम्मद अकमल, डॉ. आरिफ अब्बास एवं यूसुफ अयाज़ रामपुर पहुंचेंगे। वहीं वृंदावन शोध संस्थान, मथुरा से निदेशक डॉ. राजीव द्विवेदी एवं प्रशासनिक अधिकारी रजत शुक्ला भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। पुस्तकालय के मीडिया प्रभारी हिमांशु सिंह ने इसकी पुष्टि की है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित