रामनगर , मार्च 13 -- महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखंड सरकार और पुलिस के दावों की कलई एक बार फिर से खुल गयी। शुक्रवार को एक ताजा मामला रामनगर से सामने आया, जब सरकारी अस्पताल में संविदा पर तैनात एक महिला कर्मचारी सुबह ड्यूटी के लिए घर से अस्पताल के लिए निकली तभी रास्ते में एक अनजान युवक ने उस पर हमला किया और छेडखानी की।
इसी बीच आरोपी युवक ने महिला कर्मचारी के घर से कुछ दूरी पर स्थित रेलवे पटरी पर पहुंचने पर पीछे से हमला किया और उसका मुंह दबाते हुए नीचे गिरा दिया और महिला के साथ छेड़खानी करने के साथ ही उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। इतना ही नहीं इस अनजान युवक ने इस महिला कर्मचारी का फोन भी छीन लिया। महिला ने किसी तरह साहस का परिचय देते हुए अपने आप को इस अनजान युवक के चुंगल से बचाते हुए सुरक्षित किया। अज्ञात युवक ने इस महिला कर्मचारी का फोन फेंक दिया, जिसके बाद महिला कर्मचारियों ने अपना फोन उठाकर घटना की जानकारी अस्पताल के स्टाफ को रोते-रोते दी। इसके बाद अस्पताल के कर्मचारी और अधिकारियों ने आनन फानन में अस्पताल के कुछ चिकित्सक और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और डरी एवं सहमी हुई पीड़ित महिला कर्मचारी को अस्पताल ले गए जहां अनजान युवक के हमले में घायल इस महिला कर्मचारी का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए घटना की जानकारी पुलिस को दी।
घटना के बाद जहां एक ओर यह महिला कर्मचारी काफी डरी हुई है तो वहीं अस्पताल में काम करने वाली अन्य महिला कर्मचारियों में भी दहशत का माहौल बना हुआ है, दिनदहाड़े हुई इस घटना के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन के महिला सुरक्षा दावों की जहां एक ओर पोल खुल गई है तो वही सरकारी एवं प्राइवेट नौकरी पर जाकर अपने परिवार का भरण पोषण करने वाली महिलाओं की सुरक्षा को लेकर अब एक बार फिर गंभीर संकट उत्पन्न होने लगा हैघटना को लेकर पीड़ित महिला कर्मचारी ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देते हुए कार्रवाई की मांग की है, वहीं मामले में रामनगर कोतवाली के कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, साथ ही घटनास्थल के समीप लगे सीसीटीवी कैमरा की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि दोषी युवक को बक्सा नहीं जाएगा।
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