रामगढ़ , जुलाई 22 -- झारखंड में रामगढ़ जिला के व्यवहार न्यायालय को बम से उड़ाने की साजिश रचे जाने की सूचना मिलने के बाद न्यायालय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को स्पीड पोस्ट के माध्यम से एक पत्र मिला है, जिसमें दावा किया गया है कि कुछ लोग न्यायालय को बम से उड़ाने की योजना बना रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पत्र बांग्ला भाषा में लिखा गया था। कोर्ट में कार्यरत एक कर्मी ने इसका हिंदी में अनुवाद कर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पूरी जानकारी दी। पत्र भेजने वाले व्यक्ति ने अपना नाम-पता और आधार कार्ड की प्रति भी साथ में भेजी है, जिससे मामले को और गंभीरता से लिया जा रहा है।

पत्र में लिखा गया है कि कुछ लोगों को फोन पर बातचीत करते हुए उसने न्यायालय को बम से उड़ाने की साजिश की चर्चा करते सुना है। पत्र में 22 जुलाई की तारीख का भी उल्लेख किया गया है।

सूचना मिलते ही न्यायालय प्रशासन ने स्पीड पोस्ट से प्राप्त मूल पत्र, उसका हिंदी अनुवाद और अन्य दस्तावेज रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत को सौंप दिए। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही व्यवहार न्यायालय परिसर की सुरक्षा भी पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पत्र भेजने वाला व्यक्ति कौन है और उसने यह जानकारी किन परिस्थितियों में दी। साथ ही पत्र में किए गए दावों की भी गंभीरता से जांच की जा रही है।

बताया जा रहा है कि दो-तीन दिन पहले ही पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने देर शाम व्यवहार न्यायालय परिसर का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया था। वहीं, यह भी चर्चा है कि इसी नाम से पहले दुमका और महाराष्ट्र के कुछ न्यायालयों को भी धमकी भरे पत्र भेजे जा चुके हैं।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और न्यायालय परिसर में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित