रांची , मार्च 31 -- झारखंड के रामगढ़ जिले में एक निजी विश्वविद्यालय में आगामी जी मेंस परीक्षा से पहले बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े की साजिश का खुलासा कर पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार हैं।

दो अप्रैल से शुरू होने वाली परीक्षा को प्रभावित करने के उद्देश्य से कंप्यूटर सिस्टम में छेड़छाड़ की जा रही थी, जिसे समय रहते पकड़ लिया गया। घटना 29 मार्च की है, जब विश्वविद्यालय के तकनीशियन दिनेश कुमार महतो कुछ बाहरी लोगों के साथ कंप्यूटर लैब में संदिग्ध गतिविधियां कर रहा था। ये लोग टीसीएस का नाम लेकर बिना अनुमति लैब में घुसे और वहां लगे कंप्यूटर सिस्टम, मॉनिटर और सीपीयू बदलने लगे।

मामले का खुलासा तब हुआ जब कर्मचारी उमेश कुमार साव ने लैब का दरवाजा खुला देखा। उन्होंने पाया कि कुछ लोग पुराने मॉनिटर हटाकर गाड़ी में रख रहे हैं और नए मॉनिटर इंस्टॉल कर रहे हैं। विरोध करने पर उन्हें धमकी भी दी गई। शक होने पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने टीसीएस के एरिया हेड से संपर्क किया, जहां से साफ हो गया कि कंपनी की ओर से कोई अधिकृत कार्य नहीं चल रहा था।

इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। मौके से करीब 70 कंप्यूटर, एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कुछ खास छात्रों को पास कराने के लिए कंप्यूटर सिस्टम बदलने और उनमें विशेष सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने की योजना बनाई थी। इसके बदले प्रति मॉनिटर 10 हजार रुपये की डील तय की गई थी।

उपायुक्त फैज अहमद मुमताज के निर्देश पर मामले की जांच की गई, जिसमें प्रथम दृष्टया साजिश की पुष्टि हुई है। एसडीओ अनुराग तिवारी ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।

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