रांची , मार्च 10 -- झारखंड के रामगढ़ जिले के रजरप्पा में स्थित प्रसिद्ध छिन्नमस्तिका मंदिर में रविवार को पूजा करने आए एक श्रद्धालु के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा मारपीट किए जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक ने आज बड़ी कार्रवाई की है।

घटना की जांच के बाद चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक गृहरक्षक को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है।

रामगढ़ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार 8 मार्च रविवार को रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ उमड़ पड़ी थी। भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अनहोनी से बचने के लिए मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार खुला रखा गया था, जबकि अन्य द्वार बंद कर दिए गए थे। सभी द्वारों पर सुबह 6 बजे से जैप-04 के जवानों तथा रजरप्पा थाना के सहायक अवर निरीक्षक प्रकाश चन्द्र मुर्मू की तैनाती की गई थी।

दोपहर करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच एक बुजुर्ग को मानवीय आधार पर निकास द्वार से प्रवेश की अनुमति दी गई। इसी दौरान जमशेदपुर से आए कुछ श्रद्धालुओं ने भी जबरन उसी निकास द्वार से प्रवेश करने की कोशिश की। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें समझाया कि यह द्वार केवल निकास के लिए है और यहां से प्रवेश वर्जित है।

इस बात को लेकर श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि कुछ श्रद्धालुओं ने पुलिस पदाधिकारी से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और एएसआई प्रकाश चन्द्र मुर्मू के कंधे पर लगा स्टार नोच दिया तथा उनका गला पकड़ लिया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई और तैनात जैप-04 के जवानों और श्रद्धालुओं के बीच हाथापाई हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक अजय कुमार स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने रजरप्पा थाना और मंदिर ओपी में तैनात पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं के साथ किसी भी तरह का अमानवीय या अभद्र व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मामले में सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच के लिए रामगढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को निर्देश दिया गया। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद घटना में शामिल चार पुलिसकर्मियों-श्याम लाल महतो, राधेश्याम कुजूर, बहादुर उरांव और जॉनसन सुरीन-को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। वहीं गृहरक्षक सिकंदर यादव को ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता या श्रद्धालुओं के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी कर्मी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित