रामगढ़ , मई 30 -- झारखंड के पंजाब रेजिमेंटल सेंटर, रामगढ़ छावनी में शनिवार को अग्निवीर बैच-7 की भव्य पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया।
24 सप्ताह की कठिन सैन्य प्रशिक्षण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण करने के बाद 1121 अग्निवीर रंगरूटों ने परेड में हिस्सा लिया और भारतीय सेना में अपनी नई जिम्मेदारियों के लिए तैयार होने का परिचय दिया।
परेड के दौरान युवा अग्निवीरों ने अनुशासन, आत्मविश्वास, सटीक कदमताल और उत्कृष्ट सैन्य दक्षता का प्रदर्शन कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। समारोह की समीक्षा पंजाब रेजिमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर सजेश बाबू पीजी ने की।
इस अवसर पर प्रशिक्षकगण, सैन्य अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अग्निवीरों के अभिभावक एवं परिजन उपस्थित रहे। अपने संबोधन में कमांडेंट ने सफल प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि अग्निवीरों ने कठिन प्रशिक्षण के दौरान समर्पण, साहस और अनुशासन का परिचय दिया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये युवा सैनिक भविष्य में पंजाब रेजिमेंट की विभिन्न बटालियनों में उत्कृष्ट सेवा देकर राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
प्रशिक्षण अवधि के दौरान अग्निवीरों ने शारीरिक अभ्यास, सामरिक युद्धाभ्यास, हथियार संचालन, ड्रोन प्रशिक्षण तथा मानसिक सहनशक्ति से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में हिस्सा लिया। इन प्रशिक्षणों का उद्देश्य उनमें नेतृत्व क्षमता, पेशेवर दक्षता, कर्तव्यनिष्ठा और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता विकसित करना था। समारोह में ड्रिल, फायरिंग, शारीरिक सहनशक्ति एवं समग्र प्रदर्शन में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित भी किया गया।
वहीं, अग्निवीरों के अभिभावकों के त्याग, सहयोग और प्रेरणा को सम्मान देने के लिए उन्हें पारंपरिक "गौरव पदक" प्रदान किया गया। परेड के समापन पर सभी अग्निवीरों ने भारतीय संविधान और राष्ट्र के प्रति निष्ठा की शपथ ली तथा भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और सम्मान को बनाए रखने का संकल्प दोहराया। देशभक्ति, गर्व और उत्साह से ओतप्रोत वातावरण में अग्निवीर बैच-7 की पासिंग आउट परेड संपन्न हुई।
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