नयी दिल्ली , जनवरी 29 -- राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सभी दलों के नेताओं तथा सदस्यों से बजट सत्र में रचनात्मक और सार्थक योगदान की अपील करते हुए समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने में सहयोग की अपील की है। श्री राधाकृष्णन ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही की शुरूआत करते हुए कहा कि भारत विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है और शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत के बढ़ते प्रभाव और कद को देखते हुए राष्ट्र की आर्थिक दिशा निर्धारित करने में सांसदों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।
सभापति ने कहा कि राष्ट्रपति के संबोधन ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की निर्णायक दिशा तय की है और यह सदन भी अपने मूल विधायी और विचार-विमर्श संबंधी कर्तव्यों के माध्यम से अपना योगदान देगा। उन्होंने कहा कि 30 बैठकों के दौरान, सदन केंद्रीय बजट और सरकार के विधायी प्रस्तावों की गहन जांच पड़ताल करेगा। इसके अलावा विभाग-संबंधित संसदीय स्थायी समितियां अवकाश के दौरान मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की गहन जांच करेंगी। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों से आग्रह है कि वे सदन और समितियों में विचार-विमर्श में सार्थक योगदान दें।
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