गंगटोक , मई 16 -- उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण ने शनिवार को यहां ' नामग्याल इंस्टिट्यूट ऑफ तिब्बतोलॉजी ' संस्थान और प्रसिद्ध ऑर्किड केंद्र का दौरा किया।

श्री राधाकृष्णन ने नाग्याल संस्थान में कई दुर्लभ पांडुलिपियों का अवलोकन किया जिनमें कुछ 500-800 वर्ष पुरानी है । एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार श्री राधाकृष्णन को वहां के अधिकारियों ने "ज्ञान भारतम्" मिशन के तहत इन अमूल्य पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण कार्य के बारे में जानकारी दी। इस पहल की सराहना करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसे प्रयास भारत की समृद्ध सभ्यतागत और ज्ञान परंपरा को भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित और प्रोत्साहित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

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