तिरुवनंतपुरम , मार्च 01 -- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने रविवार को केरल के कोल्लम जिले में सेंट स्टीफन हायर सेकेंडरी स्कूल के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया।

उपराष्ट्रपति ने स्कूल के 100 साल की यात्रा को 'दिमागों को आकार देने वाली एक सदी' बताते हुए छात्रों से चरित्र, अखंडता और सामाजिक जिम्मेदारी के मूल्यों को बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने इस यात्रा को 'उल्लेखनीय मील का पत्थर' बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि बहुत कम संस्थानों ने हासिल किया है। उन्होंने कहा कि स्कूल ने जिम्मेदार नागरिकों, नेताओं, पेशेवरों और दयालु इंसानों की पीढ़ियों को तैयार करने में एक सदी बिताई है।

श्री राधाकृष्णन ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की असली ताकत उसके बुनियादी ढांचे में नहीं बल्कि उसके द्वारा प्रदान किए जाने वाले मूल्यों में निहित होती है। उन्होंने रेखांकित किया कि शताब्दी केवल अतीत का उत्सव नहीं है, बल्कि भविष्य के प्रति एक प्रतिबद्धता भी है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रौद्योगिकी और नवाचार से संचालित तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा को पाठ्यपुस्तकों से आगे जाना चाहिए और आलोचनात्मक सोच, सहानुभूति, लचीलापन और अखंडता विकसित करनी चाहिए। उन्होंने छात्रों को बड़े सपने देखने, कड़ी मेहनत करने, विनम्र रहने और अपने स्कूल द्वारा सिखाए गए मूल्यों से जुड़े रहने के लिए प्रोत्साहित किया।

नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ कड़ा आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने छात्रों से मादक पदार्थों को ना कहने का आह्वान किया और नशीली दवाओं के दुरुपयोग को समाज को प्रभावित करने वाले सबसे बड़े अभिशापों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई धर्मों, भाषाओं और राजनीतिक संबद्धताओं से ऊपर उठकर एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन बनना चाहिए।

श्री राधाकृष्णन ने समाज की सेवा के लिए राजनीतिक दलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को सकारात्मक और स्वागत योग्य बताया और कहा कि इससे अंततः लोगों को लाभ होता है। उन्होंने संस्थान की विरासत को राष्ट्रीय दृष्टिकोण से जोड़ते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के तहत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने 'आत्मनिर्भर भारत' के महत्व पर भी प्रकाश डाला और कहा कि 2047 का भारत आज के छात्रों के विचारों, नवाचार और पहल से आकार लेगा। उन्होंने उनसे न केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए प्रयास करने बल्कि समाज पर सकारात्मक प्रभाव डालने का भी आग्रह किया।

इससे पहले, उपराष्ट्रपति ने माउंट टैबोर दयारा में 'टुंब ऑफ फोर मेट्रोपॉलिटन' पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस समारोह में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस और पर्यटन राज्य मंत्री सुरेश गोपी, केरल के परिवहन मंत्री के. बी. गणेश कुमार, केरल के वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल, लोकसभा सांसद कोडिकुन्निल सुरेश सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

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