नयी दिल्ली , जुलाई 20 -- राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने सदस्यों से अपील की है कि वे सदन के बहुमूल्य समय का राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा करने और निर्णय लेने में उपयोग करें तथा सदन की गरिमा, अनुशासन तथा मर्यादा बनाए रखें।
श्री राधाकृष्णन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन अपनी प्रारंभिक टिप्पणी में नये सदस्यों का अपनी तथा सदन की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस सदन की सार्थक विचार-विमर्श की एक गौरवशाली परम्परा रही है और उन्हें विश्वास है कि यह सत्र उस विरासत को बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इस बहुमूल्य समय का उपयोग राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर चर्चा करने और निर्णय लेने के लिए करें।
उन्होंने कहा कि इस सत्र से सचिवालय ने सदस्यों की सीटों पर उपलब्ध मल्टी-मीडिया उपकरणों के माध्यम से कार्यवाही की नौ भाषाओं में एआई-आधारित सीधे अनुवाद की व्यवस्था प्रारम्भ की है। इस सुविधा का क्रमशः विस्तार सभी बाईस अनुसूचित भाषाओं तक किया जाएगा। उन्होंने सदस्यों से इस बारे में और अधिक सुधार के लिए सुझाव साझा करने का अनुरोध भी किया।
सभापति ने सदस्यों से आग्रह किया कि वे विधायी कामकाज के समय से निपटान पर ध्यान दें क्योंकि कार्यवाही में व्यवधान से राष्ट्र तथा वह लोगों प्रभावित होते हैं जिनका यह सदन प्रतिनिधित्व करता है।
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