पटना, जुलाई 14 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को 'राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम' का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केन्द्र का शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया। साथ ही देशरत्न मार्ग से मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केन्द्र तक सहयोग पथ का भी उद्घाटन किया।
आज आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए। इनमें 100 आवेदक उपस्थित हुए, जिनके मामलों का निष्पादन किया गया।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, जिससे आमजन का सरकार पर विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।उन्होंने निर्देश दिये कि जो भी अधिकारी या कर्मी आवेदन के निष्पादन में सहयोग नहीं करते हैं, कार्य में शिथिलता बरतते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक की शिकायतों का पारदर्शी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है।उन्होंने कहा कि सहयोग शिविरों के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों की समस्याओं का समाधान हुआ है और जिन आवेदकों को अब भी अपने आवेदन के निर्णय पर आपत्ति है, उनके लिए राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम की व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी शिकायतों का पुनः परीक्षण कर न्यायसंगत निर्णय लिया जा सके।
मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि मुख्यमंत्री सोलर योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।उन्होंने कहा कि इस योजना के अंतर्गत 125 यूनिट तक निःशुल्क बिजली का लाभ दिया जा रहा है तथा 126 यूनिट से अधिक बिजली उत्पादन होने पर उपभोक्ताओं को उसका आर्थिक लाभ भी मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपनी छतों पर सोलर पैनल लगाने और सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दूरस्थ एवं दुर्गम गांवों को 'सोलर विलेज' के रूप में विकसित कर बिजली की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
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