मुंबई , जून 16 -- महाराष्ट्र सरकार मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में निजी ऐप-आधारित कंपनियों के दबदबे को चुनौती देने के उद्देश्य से सरकार के समर्थन से दो टैक्सी सेवाएं 'देवभाऊ सहकार टैक्सी' और 'छावा टैक्सी' शुरू करेगी।
गौरतलब है कि यह पहल एक सहकारी व्यावसायिक मॉडल पर बनी है, जिसका उद्देश्य मौजूदा प्राइवेट प्लेटफॉर्म द्वारा अधिक कमीशन लेने की चिंताओं को दूर करना है। सरकार के समर्थन वाले ढ़ांचे का मकसद टैक्सी मालिकों और ड्राइवरों की कमाई बढ़ाना है। इसके साथ ही सवारियों के लिए किराये को कम करना है।
भाजपा नेता प्रवीण दारकेकर ने मंगलवार को इस परियोजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह दिल्ली और कोलकाता में सरकार के समर्थन वाले सफल मॉडल के साथ-साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा चलाए गये नेशनल 'भारत टैक्सी मॉडल' से प्रेरणा लेता है। आने वाली सेवाओं की खास बातों में कॉरपोरेट कमीशन स्तरों को खत्म करना शामिल है, जिससे यह सुनिश्चत होता है कि राजस्व का बड़ा हिस्सा सीधे गाड़ी मालिकों और ड्राइवरों को मिले। सरकार दोनों सेवाओं के लिए खास मोबाइल एप्लिकेशन भी विकसित कर रही है, जिसके लिए रेगुलेटरी और कानूनी ढांचा पहले से ही मौजूद हैं।
इस परियोजना को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक की अगुवाई में कई बार बातचीत के बाद सैद्धांतिक रूप से मंजूरी मिल गई है। यह कदम शहरी परिवहन क्षेत्र में सीधा दखल है, जिस पर अभी ओला, उबर और रैपिडो जैसे प्राइवेट प्लेटफॉर्म का दबदबा है। पार्टी अधिकारियों के मुताबिक मौजूदा व्यवस्था ड्राइवरों पर काफी वित्तीय बोझ डालती है, जो परिचालन लागत का बोझ उठाते हैं और जिन्हें अपनी कमाई से काफी कटौती करनी पड़ती हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित