नयी दिल्ली , अप्रैल 2 -- संसद के बजट सत्र में राज्य सभा की कार्यवाही 16 अप्रैल तक के लिए स्थगित कर दी गयी है जिसे अपने आम में एक बिरले घटना के रूप में देखा जा रहा है।
राज्य सभा में सदन में दिन में हुई चर्चाओं में सरकार की ओर से मिले संकेतों के अनुसार बजट सत्र में दूसरे लंबे अवकाश के बाद महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने का संकल्प लाया जा सकता है।
सदन में की गयी घोषणा के हिसाब से 16 अप्रैल को होने वाली बैठक बजट सत्र का ही हिस्सा मानी जाएगी। इस तरह इस बार बजट सत्र में दो लम्बे अवकाश हो गये हैं।
पहले घोषित कार्यक्रम के अनुसार बजट सत्र का आज अखिरी दिन माना जा रहा था लेकिन दिन में यह चर्चा शुरू हो गयी थी कि सरकार इसको अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर इसका सत्रावसान करने की बजाय महिला आरक्षण विधेयक को लागू करने के संबंध में एक संकल्प को लेकर इसी माह एक बैठक बुला सकती है।
सदन में आज दिन में इस मुद्दे को विपक्ष ने उठाया था और सरकार की ओर से उसका जवाब भी दिया गया जिसमें स्पष्ट संकेत था कि दो-तीन सप्ताह के अंदर संसद की बैठक बुलायी जा सकती है।
उप सभापति हरिवंश ने आज शाम सदस्यों द्वारा विशेष उल्लेख के मुद्दे उठाये जाने की कार्रवाई पूरी होते ही करीब साढे छह बजे सदन की कार्यवाही को 16 अप्रैल पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
वर्तमान बजट सत्र 28 जनवरी को दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ था तथा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी रविवार को 2026-27 का बजट पेश किया था।
बजट सत्र प्राय: दो भाग में सम्पन्न कराया जाता है। पहले सत्र में मुख्यत: राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के ऊपर चर्चा और बजट पर सामान्य चर्चा होती है। अवकाश के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित बजट प्रस्तावों पर संसद की समितियां समीक्षा करती है। दूसरे सत्र में मंत्रालयों और विभागों के कार्यों पर चर्चा, बजट संबंधी अनुदान की मांगों और तत्संबंधी विनियोग विधेयक और वित्त विधेयक को पारित कराया जाता है।
इस बार बजट सत्र का पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक चला। मध्यावकाश के बाद सत्र के दूसरे हिस्से की कार्यवाही 9 मार्च को शुरू हुई थी। दूसरे हिस्से के दौरान प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके मद्देनजर भारत के हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा की गयी पहलों की दोनों सदनों में अलग-अलग विस्तृत जानकारी दी। विदेश मंत्री और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री ने भी सदन में वक्तव्य दिये।
इस सत्र में बजट 2026-27 और वित्त विधेयक 2026 को पारित करने की कार्यवाही के अलावा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन ) विधेयक 2026, आंध प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2026 तथा जन विश्वास संशोधन विधेयक 2026 जैसे कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों को दोनों सदनों में चर्चा के बाद स्वीकृति प्रदान की गयी।
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