पटना , जून 15 -- िहार में ताड़ और खजूर के पेड़ से नीरा उत्पादन तथा विपणन को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। 'मुख्यमंत्री नीरा सम्वर्धन योजना' के तहत पेय पदार्थ नीरा को प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिसके नतीजतन नीरा की लोकप्रियता लोगों के बीच बढ़ रही है।
चालू नीरा सीजन (मई-अगस्त) में रविवार (14 जून) तक प्रदेशभर में 32 लाख 66 हजार लीटर से अधिक नीरा संग्रहण किया गया है, जिसमें से 32 लाख 55 लाख 481 लीटर नीरा बिक्री हो चुकी है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए लगभग 40 हजार 862 पेड़ों से नीरा संग्रहित किया गया है। वहीं शहर व ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 9,865 टैपर्स सक्रिय रूप से नीरा उतारने के काम से जुड़े हैं, जबकि 10 हजार 743 पेड़ मालिक भी इससे जुड़कर अच्छी आमदनी कर रहे हैं। उक्त जानकारी जीविका से प्राप्त हुई है।
राज्यभर में नीरा बेचने के लिए 1,691 अस्थायी एवं स्थायी बिक्री काउंटर चल रहे हैं। साथ ही 571 सक्रिय प्रोड्यूसर ग्रुप के माध्यम से नीरा को विभिन्न गुणवत्तापूर्ण उत्पादों में बदला जा रहा है। इसमें नीरा के गुड़, पेड़ा, तिलकुट एवं अन्य स्वास्थ्यवर्धक मिठाईयां शामिल है, जिसे मधुमेह के मरीज भी खा सकते है।
मुख्यमंत्री नीरा सम्वर्धन योजना के तहत सरकार ताड़ और खजूर के पेड़ से नीरा निकालने, उसके वैज्ञानिक संग्रहण तथा विपणन को प्रोत्साहित कर रही है। इसका उद्देश्य ग्रामीण रोजगार को बढ़ाना, किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान करना और शराब के विकल्प के रूप में स्वस्थ एवं पौष्टिक पेय को बढ़ावा देना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित