पटना , मई 12 -- राज्य के 101 अनुमंडलों में संचालित बुनियाद केंद्रों पर चलाए गए मुफ्त नेत्र जांच शिविर का समापन सोमवार को हो गया।
इस अभियान के तहत एक लाख 21 हजार 365 लोगों का नेत्र परीक्षण किया गया। इसमें एक लाख तीन हजार 864 लोग ऐसे चिन्हित किए गए, जिन्हें चश्मा की आवश्यकता है। समाज कल्याण विभाग और राज्य स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान को 23 मार्च से 11 मई तक तीन चरणों में चलाया गया। चश्मा वितरण की प्रक्रिया नेत्र जांच के 15 दिनों बाद से जारी है। इसके तहत अब तक 35 हजार से अधिक लोगों को चश्मा दिया जा चुका है। इसके माध्यम से समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास किया जा रहा है।
सभी जिलों से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, सबसे अधिक पूर्वी चंपारण जिले में सात हजार 199 लोगों का नेत्र जांच हुआ और जरूरत के मुताबिक छह हजार 332 लाभार्थियों को चश्मा दिया गया। पटना में सात हजार 196-6 हजार 352, सुपौल में पांच हजार 114 और पूर्णिया में चार हजार 360 लाभार्थियों को चश्मा की आवश्यता महसूस की गई है। विभाग ने प्रत्येक बुनियाद केंद्र पर 1 हजार चश्मा वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया था।
तीनों चरणों में एक महीने तक अभियान का संचालन किया गया। दूसरा चरण 30 मार्च को और तीसरा चरण 05 अप्रैल को शुरू की गई थी। इस विशेष अभियान के अंतर्गत राज्य के विभिन्न बुनियाद केंद्रों पर नियमित रूप से नेत्र जांच शिविरों का आयोजन किया गया, जहां विशेषज्ञों के माध्यम से लाभार्थियों की जांच कर उन्हें चश्मा दिए जाने के लिए अनुशंसित किया गया।
राज्य स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत सूचीबद्ध एजेंसी से नेत्र जांच के उपरांत 15 दिनों के भीतर चश्मा उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है, जिसके बाद लाभार्थियों को चश्मा का वितरण किया जा रहा है। इसके माध्यम से न केवल दृष्टि संबंधी समस्याओं की पहचान हो रही है, बल्कि समय रहते उनके समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
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