पटना , अप्रैल 07 -- बिहार के श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री संजय सिंह टाइगर ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों एवं श्रम अधीक्षक को निर्देश दिया है कि श्रमिकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, साथ ही रोजगार सृजन की प्रक्रिया को और अधिक गति प्रदान की जाए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। श्रम संसाधन मंत्री ने आज भभुआ परिसदन में श्रम संसाधन एवं संबंधित विभागों की समीक्षात्मक बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि विभाग के अंतर्गत कार्यरत बिहार भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा निबंधित श्रमिकों के चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रत्येक गांव में जाकर श्रमिकों का बोर्ड में निबंधन करवाना सुनिश्चित करें। क्षेत्र भ्रमण के दौरान प्रवासी मजदूरों के संबंध में भी डाटा संग्रहित करें। उन्होंने कहा कि श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग श्रमिकों के हित के लिए सदैव तत्पर है। देश का यही एक ऐसा विभाग है जहां जन्म से लेकर मृत्यु तक की योजनाओ का लाभ दिया जाता है।

मंत्री ने विभाग के द्वारा बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना, 2024 (संशोधित), बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना, 2008 के साथ ईएसआई द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं को धरातल पर लाने की बात कही।उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में श्रम विभाग द्वारा मजदूरों की मजदूरी दर बढ़ाने का सफल प्रयास किया गया है। विगत एक अप्रैल से निर्धारित नई दर के अनुसार अकुशल मजदूर को 436 रुपये प्रतिदिन, अर्द्धकुशल को 455 रुपये प्रतिदिन, कुशल को 551 रुपये प्रतिदिन तथा अतिकुशलको 672 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से वेतन संहिता, 2019 के अनुसार, सभी नियोजनों के लिए न्यूनतम मजदूरी का भुगतान अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग द्वारा बाल श्रम उन्मूलन के लिए भी विशेष कार्य किये जा रहे हैं। वैसे बच्चे जो किसी कारणवश ईंट-भट्टे पर काम करने को मजबूर हैं, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया जा रहा है। साथ ही इनके परिवारों को भी जनकल्याणकारी मुहैया करवाई जा रही हैं।

श्रम संसाधन मंत्री ने विभाग की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी लेते हुए उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने तथा विशेष पहल के माध्यम से जरूरतमंद श्रमिकों तक सहायता पहुंचाने पर बल दिया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित