चंडीगढ़ , अप्रैल 06 -- हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि राज्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है। सरकारी अस्पतालों में संविदा आधार पर 195 विशेषज्ञ डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी।

सुश्री राव ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और योग्यता आधारित होगी। नूंह जिले को छोड़कर अन्य जिलों में एमबीबीएस एवं डिप्लोमा धारक विशेषज्ञों को एक लाख रुपये प्रतिमाह, जबकि एमबीबीएस के साथ एमडी/ एमएस/ डीएनबी योग्यता रखने वाले डॉक्टरों को 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

नूंह जिले में विशेषज्ञ डॉक्टरों को आकर्षित करने के लिए अधिक वेतनमान तय किया गया है। यहां एमबीबीएस व डिप्लोमा धारकों को 1.5 लाख रुपये और एमडी/एमएस/डीएनबी योग्यता वाले डॉक्टरों को दो लाख रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य सभी नागरिकों को बेहतर और समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पतालों में उपचार की गुणवत्ता में सुधार होगा और मौजूदा डॉक्टरों का कार्यभार भी कम होगा।

उन्होंने बताया कि स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया, मेडिसिन, सर्जरी और हड्डी रोग जैसे प्रमुख विभागों में भर्ती की जाएगी। इनमें स्त्री रोग और बाल रोग के पद सबसे अधिक होंगे, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

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