कोलकाता , जून 01 -- पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के विधायक अरूप रॉय ने सोमवार को पार्टी नेतृत्व के प्रति सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब राज्य भर में पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले हो रहे हैं, संगठन उनके साथ खड़े होने में नाकाम रहा है।
श्री रॉय ने हावड़ा में अपने आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हाल के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से पार्टी की संगठनात्मक कमजोरी लगातार खुलकर सामने आ रही है। उन्होंने कहा, "पार्टी को अपने उन कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहिए था जिन पर हमले हो रहे हैं। आम कार्यकर्ताओं से लेकर विधायकों और सांसदों तक, कई लोगों पर हमले किए जा रहे हैं, लेकिन पार्टी उनके साथ खड़ी दिखाई नहीं दे रही है। राज्य नेतृत्व का संगठन पर से नियंत्रण खो चुका है। यह बेहद गंभीर स्थिति है।"तृणमूल नेता ने जोर देकर कहा कि मौजूदा संकट एक मजबूत संगठनात्मक ढांचे की कमी के कारण पैदा हुआ है। उन्होंने कहा, "पार्टी ने अतीत में भी कठिन दौर देखे हैं और विधानसभा में केवल 30 या 40 सीटें ही जीती थीं। लेकिन तब भी ऐसी स्थिति कभी पैदा नहीं हुई थी। हमने अपनी राजनीतिक लड़ाई सड़कों पर खुले तौर पर और पूरे आत्मविश्वास के साथ लड़ी थी।"श्री रॉय की यह टिप्पणी शनिवार को हुई उस घटना की पृष्ठभूमि में आई है, जब लोगों के एक समूह ने मध्य हावड़ा के कासुंदिया फर्स्ट बाय लेन स्थित उनके आवास पर कथित तौर पर हमला कर दिया था।
गौरतलब है कि श्री रॉय के घर से सटे एक गोदाम से तिरपाल, कंबल, साड़ियां और धोती समेत बड़ी मात्रा में राहत सामग्री बरामद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहत सामग्री के वितरण में अनियमितता और गड़बड़ी के आरोप लगाए थे।
श्री रॉय ने हालांकि आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने पहले ही जिला प्रशासन से गोदाम में रखी राहत सामग्री को हटाने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, जब प्रशासनिक अधिकारी सामग्री को अन्य स्थान पर ले जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी भाजपा समर्थकों ने वाहन को घेर लिया और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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