पटना , जुलाई 10 -- ाज्य के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में बदलते समय के अनुसार राष्ट्रीय स्तर की नवीनतम तकनीकी शिक्षा दी जाएगी। बिहार सरकार का विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग राज्य के सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों में संचालित डिग्री प्रोग्राम के पाठ्यक्रमों को पूरी तरह हाईटेक और परिणाम आधारित यानी आउटकम बेस्ड करिकुलम बनाने जा रहा है। इसके लिए बुधवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), भोपाल को शैक्षणिक सलाहकार के रूप में नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) की परीक्षा सुधार नीति 2018 को लागू करने और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के अनुरूप पाठ्यक्रमों को ढालने के लिए यह बदलाव बेहद जरूरी माना जा रहा है। वर्तमान में बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय (बीईयू), पटना से कुल 38 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज संबद्ध हैं। इस नए बदलाव से न केवल तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को उनकी योग्यता के अनुसार बेहतर रोजगार यानी प्लेसमेंट मिलने में आसानी होगी। इसके अतिरिक्त, संस्थानों को मिलने वाले एनबीए एक्रिडिटेशन के लिए भी आउटकम बेस्ड करिकुलम एक अनिवार्य शर्त है।

एनआईटीटीटीआर, भोपाल द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव के अनुसार, बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय से संबद्ध कुल 25 अंडर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी प्रोग्राम का नया सिलेबस तैयार किया जाएगा। इनमें पारंपरिक विषयों जैसे सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर साइंस के अलावा आधुनिक दौर की तकनीकें शामिल हैं, जिसमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (एआई और एमएल, साइबर सिक्योरिटी, डेटा साइंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स), इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एवं टेक्नोलॉजी), मैकेनिकल एंड स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, रोबोटिक्स एंड ऑटोमेशन, वेस्ट मैनेजमेंट और पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग आदि शामिल हैं।

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