पटना, जून 19 -- बिहार सरकार का शिक्षा विभाग 'मिशन निपुण' के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में राज्य के सभी प्राइमरी स्कूलों में एक से सात जुलाई तक 'पठन पर्व' का आयोजन करेगा।

शिक्षा विभाग से प्राप्त सुचना के अनुसार इस दौरान 'हर दिन कहानी, हर बच्चे की जुबानी' थीम पर आधारित मिशन निपुण बिहार के इस विशेष अभियान का उद्देश्य बच्चों में पठन संस्कृति को प्रोत्साहित करना तथा भाषा दक्षता के विकास को गति देना है।

कार्यक्रम के तहत दूसरी कक्षा के सभी बच्चे रोज 15 मिनट तक अपनी पसंदीदा भाषा; हिन्दी, उर्दू, बांग्ला, मैथिली या अंग्रेजी में कहानी, कविता या अनुच्छेद का जोर-जोर से वाचन करेंगे। पठन सामग्री का चयन सिलेबस के अलावा स्कूल की लाइब्रेरी में उपलब्ध पुस्तकों एवं अन्य पठन सामग्रियों से किया जाएगा। सामग्री का चयन बच्चों की आयु व कक्षा के अनुरूप स्कूल के शिक्षक करेंगे।

'पठन पर्व' को अधिक प्रभावी बनाने के लिए उच्चतर कक्षाओं के विद्यार्थी छोटे बच्चों को जरूरत के अनुसार वाचन में सहयोग प्रदान करेंगे। साथ ही, जो बच्चे किसी कारणवश स्कूल में उपस्थित नहीं हो सकेंगे, उनके लिए घर से ही सहभागिता की व्यवस्था की गई है।

स्कूल के शिक्षक अपने पोषण क्षेत्र के बच्चों के अभिभावकों को व्हाट्सएप के माध्यम से कहानियां, कविताएं एवं अन्य पठन सामग्री उपलब्ध कराएंगे तथा जरूरी दिशा-निर्देश साझा करेंगे। इस दौरान अभिभावकों को अपने बच्चों के पठन संबंधी वीडियो रिकॉर्ड कर स्कूल के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इन सभी वीडियो को शिक्षक एवं शैक्षणिक समूहों के बीच प्रेरक उदाहरण के रूप में साझा किया जाएगा, जिससे बच्चों में पढ़ने के प्रति रुचि और उत्साह का वातावरण बने।

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