पटना , अगस्त 27 -- ्री गुरु संत रविदास समरसता संकल्प अभियान के तहत राज्यभर में श्री संत रविदास विकास शिविरों का आयोजन शुरू किया गया। अनुसूचित जाति टोलों के प्रत्येक पात्र परिवार को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से लगाए जा रहे इन शिविरों में लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। शिविरों के माध्यम से लाभुकों की जरूरतों की पहचान, योजनाओं की जानकारी और पात्र परिवारों को संबंधित योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

इन विकास शिविरों में अनुसूचित जाति टोलों के परिवारों की स्थिति और उन्हें मिल रहे सरकारी लाभ की जानकारी ली जा रही है। जिन पात्र परिवारों को किसी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है, उन्हें चिह्नित कर संबंधित योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आने वाली कठिनाइयों को स्थानीय स्तर पर दूर करने में मदद मिल रही है।

शिविरों में लोगों को विभिन्न कल्याणकारी एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। पात्रता के अनुसार लाभुकों को योजनाओं से जोड़ने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है, जिससे सरकारी सहायता सीधे जरूरतमंद परिवारों तक पहुंच सके।

अभियान का प्रमुख लक्ष्य राज्य के अनुसूचित जाति टोलों को सरकार की योजनाओं से शत-प्रतिशत आच्छादित करना है। इसके लिए परिवारवार स्थिति की जानकारी जुटाकर यह देखा जा रहा है कि कौन-सा परिवार किन योजनाओं का लाभ ले रहा है और किन योजनाओं से अभी वंचित है। इसी आधार पर पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।

श्री संत रविदास विकास शिविरों का आयोजन 27 अगस्त 2026 से 15 फरवरी 2027 तक किया जाना है। अभियान के तहत प्रत्येक गुरुवार को निर्धारित अनुसूचित जाति टोलों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इससे योजनाओं के लाभ से वंचित परिवारों तक लगातार पहुंच बनाने और उनकी समस्याओं का समाधान करने में मदद मिलेगी।

श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान के तहत पहले 18 से 20 अगस्त तक राज्य में कलश यात्रा निकाली गई। इसके बाद अब अभियान का फोकस अनुसूचित जाति टोलों में विकास शिविरों के माध्यम से सीधे परिवारों तक पहुंचने पर है।

आने वाले दिनों में सितंबर और अक्टूबर के दौरान सूचना, शिक्षा एवं संचार वाहनों के माध्यम से भी लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र परिवारों को योजनाओं से जोड़ना और उन्हें अपने अधिकार एवं सरकारी सुविधाओं के प्रति जागरूक करना है।

श्री संत रविदास विकास शिविरों के माध्यम से सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को कागज से निकालकर टोले और परिवार के स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है। अभियान की खासियत यह है कि योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही पात्रता के अनुसार लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। इससे अनुसूचित जाति टोलों में रहने वाले परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराने और सामाजिक समरसता के साथ समावेशी विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हो रही है।

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