श्रीनगर , जुलाई 10 -- हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक ने शुक्रवार को कहा कि हमें जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग के साथ-साथ अनुच्छेद 370 और 35ए को भी बहाल करने की मांग करनी चाहिए।

गौरतलब है कि मीरवाइज का यह बयान नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला द्वारा उन्हें नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पार्टी के प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने का आमंत्रण मिलने के एक दिन बाद आया है। एनसी ने इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए देशभर के 52 राजनीतिक नेताओं में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के अलावा जम्मू-कश्मीर के भी कई नेताओं को भी आमंत्रित किया है।

श्रीनगर की ऐतिहासिक जामिया मस्जिद में मीरवाइज ने कहा, "मुझे डॉ. फारूक साहब से जंतर-मंतर पर होने वाले आंदोलन के लिए आमंत्रण मिला, जैसा कि उन्होंने प्रेस में सार्वजनिक किया था।"उन्होंने कहा, "2019 में भारत सरकार द्वारा किए गए एकतरफा बदलावों के बाद जम्मू-कश्मीर राज्य का दर्जा घटाकर केंद्र शासित प्रदेश कर दिया गया और लोगों से उनके संवैधानिक सुरक्षा उपाय छीन लिए गए, जिससे वे असुरक्षित और कमजोर हो गए।"श्री मीरवाइज ने कहा कि यह एनसी सरकार की जम्मू-कश्मीर के लोगों के प्रति सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, जिन्होंने इस स्पष्ट वादे पर उसे जनादेश दिया था कि चुने जाने के बाद वह जम्मू और कश्मीर का 2019 से पहले का दर्जा बहाल करेगी, जिसमें राज्य का दर्जा और अनुच्छेद 370 और 35ए की बहाली भी शामिल है।

श्री मीरवाइज ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ राज्य का दर्जा बहाल करने तक सीमित नहीं रह सकता बल्कि इसे जम्मू-कश्मीर के लोगों के छीने गए सभी सुरक्षा उपायों और अधिकारों के लिए होना चाहिए।

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