हल्द्वानी , जुलाई 07 -- उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष हुकम सिंह कुँवर से मुलाकात कर राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के प्रावधान को स्पष्ट और प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक संशोधन करने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने परिषद अध्यक्ष को बताया कि वर्तमान अधिसूचना में तकनीकी एवं प्रक्रियागत कमियों के कारण पात्र अभ्यर्थियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आयोग से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने और भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ बिना किसी भ्रम या बाधा के सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में राज्य आंदोलनकारियों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलनकारियों के सम्मान, बेहतर चिकित्सा सुविधा, सरकारी अतिथि गृहों में ठहरने की व्यवस्था, परिवहन सुविधाओं तथा अन्य लंबित मांगों के शीघ्र निस्तारण पर जोर दिया।
अध्यक्ष श्री कुँवर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शासन स्तर पर निर्णय या संशोधन आवश्यक है, उन्हें संबंधित विभागों और उत्तराखंड लोक सेवा आयोग के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा तथा समस्याओं के शीघ्र समाधान का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में डॉ. गणेश उपाध्याय, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरू, पी.सी. शर्मा, एस.के. नैय्यर, जगमोहन चिलवाल, डॉ. बालम सिंह बिष्ट, बी.एस. रौतेला, अवतार सिंह बिष्ट, नरेश चंद्र कांडपाल, दीपक चनौदिया, कार्तिक चंद्र दास समेत अन्य राज्य आंदोलनकारी मौजूद रहे।
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