रायपुर , नवंबर 02 -- छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं विभाग की प्रदर्शनी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। प्रदर्शनी में प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंदियों के कौशल विकास, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक पुनर्वास के लिए संचालित गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया है।
विभागीय स्टॉल में बंदियों द्वारा तैयार चित्रकलाएं, जूट उत्पाद, अचार, सरसों तेल, नमकीन, एलईडी उत्पाद और देवी-देवताओं की हस्तनिर्मित प्रतिमाएं रखी गई हैं। इसके अलावा हाथकरघा का चलित मॉडल भी दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
प्रदर्शनी में युवा बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित 'निश्चय कार्यक्रम' की जानकारी दी जा रही है। इसके तहत बंदियों को खाद्य सामग्री निर्माण सहित विभिन्न रोजगारोन्मुखी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि रिहाई के बाद वे स्वरोजगार से जुड़ सकें।
वहीं, जेलों में संचालित स्मार्ट क्लास, डिजिटल शिक्षा और अन्य शैक्षणिक सुविधाओं को भी प्रदर्शित किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य बंदियों को शिक्षा और व्यावसायिक कौशल से जोड़कर उनके पुनर्वास की संभावनाओं को मजबूत करना है।
प्रदर्शनी में केंद्रीय जेल रायपुर के युवा बंदी वासुदेव चौहान की उपलब्धि को भी प्रमुखता दी गई है। उन्होंने श्रीमद्भगवद्गीता के सभी 18 अध्यायों के 700 श्लोक कंठस्थ किए हैं।
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