नयी दिल्ली , जुलाई 29 -- राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र सरकार की केंद्रीकृत लोक शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली (सीपीजीआरएएमएस) पर जून में राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 96,190 मामले प्राप्त हुए और 93,170 लंबित मामलों का निपटारा किया गया।
प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) ने सीपीजीआरएएमएस पर जून 2026 के लिए 47वीं रिपोर्ट जारी की है। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार जून में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 31,460 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद महाराष्ट्र (7,619 मामले) का नंबर था। रिपोर्ट के अनुसार 30 जून 2026 तक, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सीपीजीआरएएमएस पोर्टल पर लंबित लंबित मामलों की कुल संख्या 2,16,032 है। इसके अलावा, 23 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,000 से अधिक लंबित मामले हैं।
जून 2026 में विभिन्न माध्यमों से कुल 83,544 नए उपयोगकर्ताओं ने सीपीजीआरएएमएस पर पंजीकरण कराया है जिनमें से 15,287 पंजीकरण उत्तर प्रदेश से हैं। फीडबैक कॉल सेंटर ने जून में कुल 75,318 फीडबैक एकत्र किए, जिनमें से 33,092 फीडबैक राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों से मिले।
सीपीजीआरएएमएस को साझा सेवा केंद्र (सीएससी) पोर्टल के साथ जोड़ा गया है और यह पांच लाख से अधिक सीएससी में उपलब्ध है, जो 25 लाख ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) से संबद्ध है। जून 2026 में साझा सेवा केंद्रों के माध्यम से कुल 6,262 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
मंत्रालय की विज्ञप्ति में इस रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि इस प्रणाली को लेकर वित्त वर्ष 2022-23 और वित्त वर्ष 2026-27 के बीच कुल 1,196 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें लगभग 39,509 अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित