कोलकाता , मार्च 05 -- पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने गुरुवार को राज्यपाल सी वी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

पश्चिम बंगाल की राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों से संबंधित मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार ने उन पर दबाव बनाया होगा।

सुश्री भट्टाचार्य ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि क्या श्री बोस को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दबाव को न मानने के कारण पद छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है।

उन्होंने पूछा, "क्या राज्यपाल बोस को इसलिए पद छोड़ने के लिए कहा गया क्योंकि वह पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने और विधानसभा चुनावों के समय को लेकर अमित शाह की पहल से सहमत नहीं थे , क्या उन पर केंद्र सरकार या भाजपा ने दबाव डाला था।"उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विधानसभा चुनावों से महज एक महीने पहले दिये गये इस इस्तीफे के समय ने केंद्र के इरादों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। सुश्री भट्टाचार्य ने दावा किया, "राज्य में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे ठीक महीने भर पहले वे राज्यपाल से इस्तीफा दिलवा रहे हैं। भाजपा नहीं चाहती कि चुनाव समय पर हों।"उन्होंने चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची निर्धारित समय के भीतर प्रकाशित होने पर भी संदेह व्यक्त किया।

इससे पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी श्री बोस के इस्तीफे के पीछे केंद्र के संभावित दबाव का संकेत दिया था।

सुश्री बनर्जी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "उनके इस्तीफे के पीछे के कारण मुझे इस समय पता नहीं हैं। हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए, मुझे आश्चर्य नहीं होगा अगर आगामी राज्य विधानसभा चुनावों की पूर्व संध्या पर कुछ राजनीतिक हितों को साधने के लिए राज्यपाल को केंद्रीय गृह मंत्री के किसी दबाव का सामना करना पड़ा हो।" हालांकि मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर राष्ट्रपति शासन की संभावना का उल्लेख नहीं किया, लेकिन उनके मंत्रिमंडल के कई मंत्रियों ने इस घटनाक्रम के लिए केंद्रीय गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया।

पश्चिम बंगाल की राज्य मंत्री शशि पांजा ने इस घटनाक्रम को 'चौंकाने वाला' बताया और केंद्र के इरादे पर सवाल उठाये।

सुश्री पांजा ने कहा, "यह वास्तव में चौंकाने वाला है। केंद्र सरकार का इरादा क्या है , जब पश्चिम बंगाल में चुनाव में एक महीने से भी कम समय बचा है तो राज्यपाल से इस्तीफा दिलवाने में केंद्रीय गृह मंत्री का क्या उद्देश्य है। क्या आप नहीं चाहते कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र कायम रहे। क्या आप राज्य में राष्ट्रपति शासन लाना चाहते हैं1"सुश्री बनर्जी ने नये राज्यपाल की नियुक्ति के संबंध में केंद्र के तौर-तरीकों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने लिखा, "मैं पश्चिम बंगाल के राज्यपाल श्री सी वी आनंद बोस के अचानक इस्तीफे की खबर से स्तब्ध और बेहद चिंतित हूं। केंद्रीय गृह मंत्री ने मुझे अभी सूचित किया है कि श्री आर एन रवि को पश्चिम बंगाल का राज्यपाल नियुक्त किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में स्थापित परंपरा के अनुसार, मुझसे कभी परामर्श नहीं किया।"सुश्री बनर्जी ने कहा, "इस तरह के एकतरफा फैसले भारत के संविधान की भावना को कमजोर करते हैं और हमारे संघीय ढांचे की नींव पर प्रहार करते हैं।" उन्होंने केंद्र से सहकारी संघवाद के सिद्धांतों का सम्मान करने का आग्रह किया।

राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच श्री बोस ने आज एक आश्चर्यजनक घटनाक्रम में अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

सूत्रों ने बताया कि वह वर्तमान में नयी दिल्ली में हैं और उन्होंने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

राज्यपाल कार्यालय के ओएसी ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की, जबकि राजभवन के सूत्रों ने कहा कि इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया गया है।

श्री बोस ने हालांकि खुद पद छोड़ने के अपने फैसले की व्याख्या करते हुए कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।

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